राजधानी का एक ऐसा अस्पताल, जहां भर्ती होता है पुरूष मरीज, मरने के बाद बन जाता है महिला…सच्ची खबर.

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :  राजधानी का एक ऐसा अस्पताल जहां पर भर्ती तो एक पुरूष मरीज होता है, लेकिन वहां जाकर वह महिला बन जाता है. अस्पताल का खेल जब सामने आया तो सभी दंग रह गए. ऐसे कारनामे से इनदिनों यह अस्पताल खूब सुर्खियों में है. लोग सोचने पर मजबूर है कि आखिर यह कैसे हो सकता है. लेकिन इस अस्पताल ने ऐसा कर दिखाया है.

दरअसल यह मामला झारखंड की राजधानी रांची की है. जहां एक प्राइवेट अस्पताल की ऐसी लापरवाही सामने आयी है. अस्पताल प्रबंधन ने पुरुष की जगह महिला का शव परिजनों के हवाले किया है. इसका खुलासा तब हुआ जब परिजन कब्रिस्तान में शव को दफन करने के लिए जुटे. एंबुलेंस में रखे शव को देखा तो पुरुष की जगह एंबुलेंस में महिला का शव था. फिर क्या यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गयी.



बताया जा रहा है कि 31 अगस्त को जमशेदपुर के मानगो निवासी कपड़ा व्यवसायी समीद अंसारी को बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने लगी, परिजनों ने इन्हें इलाज के लिए रांची के इरबा स्थित ASCLEPIUS अस्पताल में भर्ती कराया. इलाज के नाम पर प्रत्येक दिन 30 हजार का बिल बनता गया. तीन दिनों के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आपका मरीज कोरोना पॉजिटिव है.

कोरोना पॉजिटिव का इलाज के नाम पर अस्पताल प्रबंधन ने बिल रेट को और बढ़ा दिया. बेचारे परिजन मरीज के ठीक होने की आस में भारी भरकम बिल पेय करने पर राजी हो गए. लेकिन  अगली ही रात खबर आई कि मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है.

परिजन अभी कुछ समझ पाते कि आखिरकार यह सब कैसे हो गया तबतक कोरोना गाइडलाइन के तहत अस्पताल प्रबंधन ने शव को परिजनों को नहीं सौंपकर एंबुलेंस के जरिए जमेशदपुर भेज दिया. जब एंबुलेंस डेड बॉडी लेकर सीधा साकची के कब्रिस्तान पहुंची. दफन से पहले परिजनों ने आखिरी दर्शन के लिए एंबुलेंस चालक को चेहरा दिखाने के लिए कहा तब जाकर पता चला कि शव उनके परिवार के सदस्य का नहीं,बल्कि किसी गैर महिला का है.

परिजनों ने इस बारे में अस्पताल प्रशासन से बात की तो पहले तो उन्होंने इससे इनकार किया, लेकिन बाद में उसने अपनी गलती मानते हुए कहा कि धोखे से ऐसा हो गया है. अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को भरोसा दिया कि वो सही डेड बॉडी को भिजवा दे रहे हैं. यानी अब साकची कब्रिस्तान से वापस एक कोरोना मरीज की डेड बॉडी रांची के इरबा स्थित अस्पताल पहुंचेगी और यहां से मो. समीद अंसारी का शव फिर से साकची कब्रिस्तान भेजा जाएगा.

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की है. परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री और सरकार से इस पर पहल करने की मांग की है. परिजनों ने कहा कि ऐसे अस्पताल के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. ताकि फिर से किसी मरीज और उसके परिजनों को ये दिन देखना नहीं पड़े.