सीएम नीतीश पर तेजस्वी के निजी हमले का विरोध, युवा जेडीयू ने फूंका पुतला, कहा- माफी मांगे नेता प्रतिपक्ष

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क:  नीतीश कुमार पर तेजस्वी के निजी हमले के विरोध में युवा जेडीयू ने पूरे बिहार में विरोध प्रदर्शन किया. युवा जेडीयू अध्यक्ष अभय कुशवाहा के नेतृत्व में पूरे बिहार में जगह-जगह पर तेजस्वी यादव का पुतला फूंका गया. साथ ही माफी मांगने की मांग की गयी.

पटना के आयकर गोलंबर पर युवा जेडीयू के कार्यकर्ताओं ने आरजेडी नेता तेजस्वी का पुतला फूंका और तेजस्वी मुर्दाबाद के नारे लगाए. इनकी माने तो जबतक तेजस्वी यादव अपने बयान पर सीएम नीतीश से माफी नहीं मांगेंगे तबतक यह आंदोलन जारी रहेगा.



उधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सदन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बेटा-बेटी को लेकर दिये गये विवादित बयान पर सियासी गलियारे में नई बहस छिड़ गई है. इसे लेकर सत्ता व विपक्ष में भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. सदन ने इसी बयानबाजी पर नीतीश कुमार का पहली बार इतना आक्रामक रूप देखा. वे बिल्कुल आग-बबूला हो गए थे. इसे लेकर एनडीए समेत अन्य दलों के नेता तेजस्वी यादव पर हमलावर हैं तो महागठबंधन में शामिल घटक दल सफाई देते व बचते नजर आ रहे हैं. जबकि आरजेडी नेता पलटवार कर रहे हैं.

लेकिन आम-अवाम में यही चर्चा है कि सदन में ऐसी भाषा का प्रयोग तो बिल्कुल ही नहीं होना चाहिए. कुछ लोग नीतीश कुमार के चुनावी भाषण की याद दिला रहे हैं. हालांकि, सदन खत्म होने के बाद नीतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में ज्यादा बच्चे किये जाने वाले अपने बयान पर सफाई दी. कहा कि हमने प्रजनन दर को कम करने को लेकर बच्चे पैदा करने वाला बयान दिया था. कई बार मजाक में इस तरह की बात कही जाती है. मेरे बारे में जो बोलना है बोले कोई फर्क नहीं पड़ता है.

दरअसल, सदन में कल तेजस्वी वाद-विवाद बहस के दौरान नीतीश कुमार पर लगातार तीर पर तीर चला रहे थे. उनके बेटे को लेकर भी विवादित बयान दे दिया. इसके बाद तो सदन के अंदर का नजारा ही बदल गया. केवल मारपीट नहीं हुई, बाकी सबकुछ हो गया. पहली बार नीतीश कुमार तो अपना आपा खो बैठे और तेजस्वी पर कार्रवाई करने तक की बात स्पीकर से कही. उन्होंने यहां तक कह दिया कि इसे डिप्टी सीएम किसने बनाया, इसके पिता को विधायक दल का नेता किसने बनाया…! इस पर भी तेजस्वी बोलने में पीछे नहीं रहे. कह दिया कि सबसे अनुभवी मुख्यमंत्री हैं नीतीश कुमार. चाचा-भतीजा का रिश्ता सदन में नहीं होता है. मैंने जनता से जुड़ा हुआ सवाल पूछा तो मुख्यमंत्री ने मेरे और मेरे परिवार पर व्यक्तिगत टिप्पणी की.

क्या इसी राड़ी-बेटखउकी के लिए सदन है : कुशवाहा

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने सदन में दिये गये विवादित बयान पर तेजस्वी यादव को घेरा है. उन्होंने कहा कि तेजस्वी ने सीएम नीतीश कुमार के प्रति जिस अभद्र भाषा का प्रयोग किया, वह घोर निंदनीय है. उन्होंने यहां तक कह दिया है कि छि: छि:! क्या इसी राड़ी-बेटखउकी (जैसी अभद्र भाषा) के लिए सदन है. गौरतलब है कि ‘राड़ी-बेटखउकी’ भी गांव की बोल-चाल में गाली ही है.

तेजस्वी का बयान काफी घटिया है : गिरिराज

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तेजस्वी यादव द्वारा की गई निजी व विवादित टिप्पणी को लेकर शनिवार को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जबर्दस्त हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कोई भी सभ्य आदमी सदन में इस तरह की अनर्गल बात नहीं कर सकता है. उन्होंने कहा कि लालू यादव और तेजस्वी यादव को नेता बनाना नीतीश कुमार की बड़ी भूल थी. इसी का दुष्परिणाम है कि तेजस्वी ने इतना घटिया शब्द का इस्तेमाल सदन के पटल पर किया.   

लोगों ने ठुकरा दिया तो अनाप-शनाप बक रहे: मंत्री

भूमि सुधार व राजस्व मंत्री रामसूरत राय ने भी विवादित बयान को लेकर तेजस्वी को घेरा है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन को बिहार के लोगों ने नकार दिया. इससे उसके नेता अनाप-शनाप बकते चल रहे हैं. सदन या उसके बाहर उनके जो आचरण हो रहे, उसे जनता देख रही है. उन्होंने कहा कि वे कितना ही अनाप-शनाप बोल लें, किंतु बिहार में विकास का काम बाधित नहीं होने वाला है. विवादित बयान से उनके संस्कार का भी पता चलता है.

बीजेपी के प्रति नीतीश के मन में गुस्सा है: तिवारी

आरजेडी के राष्ट्रीय सचिव शिवानंद तिवारी ने कहा कि नीतीश कुमार ने कल जो अपना रौद्र रूप दिखाया, वह आश्चर्यचकित करने वाला था. सदन में दूसरे रूप में नीतीश कुमार दिखाई दिए. इससे पता चलता है कि वे अंदर ही अंदर घुट रहे हैं. उन्होंने कहा ​कि बीजेपी के प्रति नीतीश कुमार के मन में काफी गुस्सा है. तेजस्वी के बहाने में यह देखने को मिला. चुनाव के दौरान लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान ने उन्हें जेल भेजने तक की धमकी दे दी थी.