गया विष्णुपद मंदिर को धार्मिक न्यास के हवाले करने पर पंडा समाज नाराज, जाएंगे हाईकोर्ट

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : स्थानीय व्यवहार न्यायालय द्वारा ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर को सार्वजनिक स्थल घोषित किए जाने एवं इसका प्रबंधन बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड को दिए जाने को लेकर गयापाल पंडा समाज में नाराजगी है. इसे लेकर पंडा समाज के लोगों ने हाईकोर्ट जाने की बात कही है. इस संबंध में विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के सचिव गजाधर लाल पाठक ने कहा कि वे लोग इंसाफ की लड़ाई विगत कई वर्षों से लड़ रहे हैं.

बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड विष्णुपद को मंदिर मानते हुए इसका प्रबंधन अपने हाथो में लेना चाह रहा है, लेकिन विष्णुपद कोई मंदिर नहीं है. यह श्राद्ध स्थल है. उन्होंने कहा कि पौराणिक मान्यता के अनुसार गयासुर राक्षस ने वर्षों तपस्या कर भगवान विष्णु से मृत्यु के बाद आत्मा की मोक्ष की प्राप्ति के लिए स्वयं अपने वक्षस्थल पर उनका चरण मांगा था. जिसके बाद से भगवान विष्णु का चरण यहां पर स्थापित है. जहां लोग श्राद्ध कर्मकांड करते हैं.



उन्होंने कहा कि लेकिन बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड इसे मंदिर मानने में लगा हुआ है. जितने भी श्राद्ध स्थल है, उन्हें मंदिर नहीं बल्कि श्राद्ध स्थल माना जाता हैं. ऐसे में न्यायालय के इस फैसले को लेकर हमलोग हाईकोर्ट जाएंगे और इंसाफ की लड़ाई अंतिम समय तक लड़ते रहेंगे.

उन्होंने कहा कि अभी न्यायालय का जो फैसला आया है, उसे हमलोगों ने ठीक से पढ़ा नहीं है. उसे पढ़ने के बाद हमारी समिति के सदस्य एवं हमारे वकील इस पर निर्णय लेंगे. इसके लिए हमारा एक शिष्टमंडल पटना गया हुआ है. उन्होंने कहा कि लगभग 10 हजार से भी अधिक पंडों का परिवार इस विष्णुपद से जुड़ा हुआ है. ऐसे में हमारे लिए विष्णुपद काफी महत्वपूर्ण है. अपने इंसाफ की लड़ाई हमलोग मरते दम तक लड़ते रहेंगे.