‘रूपेश मर्डर मामले में अंधेरे में तीर चला रही पुलिस’, जाप जाएगी हाईकोर्ट, पप्पू यादव ने किया एलान

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : जाप पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि सरकार 24 घंटे के अंदर इंडिगो एयरलाइंस के स्टेशन मैनेजर रूपेश सिंह के मोबाइल का कॉल डिटेल और मैसेज जनता के सामने रखे. जनता को शक है कि इसके पीछे कई बड़े चेहरे हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि रूपेश हत्याकांड में पदाधिकारी गंभीर नहीं दिख रहे हैं. अंधेरे में तीर चलाया जा रहा है. यदि सरकार एक सप्ताह के अंदर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है और अपराधियों को पकड़ नहीं पाती है तो हमारे अधिवक्ता प्रकोष्ठ पटना हाईकोर्ट में पीआइएल फाइल करेगा.

उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि नीतीश कुमार जी, सिर्फ हाईप्रोफाइल मर्डर में स्पीडी जांच क्यों? प्रदेश में हर रोज हत्याएं, लूट और बलात्कार हो रहे हैं. क्या उन्हें न्याय का अधिकार नहीं है? उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं. पूरा पुलिस विभाग शराब बेचवाने, जमीन माफिया को संरक्षण देने और सीट बेल्ट चेक करने में लगा हुआ है. कानून व्यवस्था पर किसी का ध्यान नहीं है.



राजनेताओं द्वारा अपराधियों को संरक्षण के मुद्दे पर कहा कि राजनीति से अपराधीकरण को खत्म करना होगा. ये सुनिश्चित करना होगा कि राजनीतिक दल अपराधियों को टिकट न दें. तभी अपराध को नियंत्रित किया जा सकता है. पहले अपराध जगत की बड़ी मछलियों को जेल भेजना होगा और फिर धीरे-धीरे सभी को सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए.

बता दें कि बिहार में नए साल का सबसे चर्चित हत्याकांड में 48 घंटे के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं. इंडिगो एयरलाइंस के स्टेशन हेड रूपेश सिंह के मामले में पुलिस को अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है. इस मामले में 48 घंटे के बाद भी जांच में उलझी पुलिस शूटर तक पहुंचने की कोशिश में लगी है. लेकिन अभी तक उसे बड़ी सफलता नहीं मिली है.

इस मामले में एसटीएफ और एसआइटी की टीमें छानबीन कर रही हैं. इसके बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. शूटर और लाइनर तक पहुंचने की कोशिश लगातार की जा रही है. लेकिन हत्या के पीछे की मुख्य वजह भी अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है. कहा जा रहा है कि पुलिस पांच बिंदुओं पर जांच कर रही है. तीन संदिग्ध लोगों को भी हिरासत में लिया गया है. लेकिन उनसे भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

एसआइटी के एक अधिकारी की मानें तो हत्‍याकांड के कुछ शूटर पटना के बाहर के हैं, जबकि लाइनर का कनेक्शन राजधानी से ही जुड़ा है. पुलिस मान रही है कि कोई है जिसने अपराधियों को ठहरने के लिए जगह दी थी. वहीं पुलिस का यह भी दावा है कि लाइनर लगातार शूटरों के संपर्क में था. शूटरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज वैशाली, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, छपरा, सिवान, मोतिहारी, सीतामढ़ी सहित अन्य जिलों की पुलिस के पास भी भेजे गए हैं.