पटना, अमित जायसवालः पटना पुलिस मधेपुरा के पूर्व सांसद पप्पू यादव को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है. पप्पू यादव के खिलाफ कोर्ट से अरेस्ट वारंट जारी किया गया. दरअसल, सीएम सचिवालय के सामने पप्पू यादव ने धरना प्रदर्शन किया था. इसी मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था. वहीं कोर्ट में पप्पू यादव को गिरफ्तार करने के लिए वारंट जारी करने की अर्जी भी दी गई थी. अब कोर्ट से वारंट इशू हो गया है.

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, पप्पू यादव बिहार में दारोगा बहाली की प्रक्रिया में एक निएम से खफा थे. वो महिला अभ्यर्थियों की हाइट से जुड़े मामले में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. बिहार में सिपाही भर्ती में महिला अभ्यर्थियों की शारीरिक ऊंचाई का मापदंड 152 सेंटीमीटर से 160 सेंटीमीटर किये जाने के विरोध में जन अधिकार पार्टी छात्र परिषद द्वारा मुख्यमंत्री सचिवालय का घेराव किया गया था.

इस दौरान जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी शामिल हुए. इस दौरान पप्पू यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा महिला अभ्यर्थी की हाइट का मापदंड बढ़ाकर 160 सेंटीमीटर कर देना प्रदेश की बेटियों के साथ बेईमानी है. देश में भी ऐसा कहीं नहीं होता है, तो फिर बिहार सरकार क्या सोचकर ऐसा कर रही है.

आपको बता दें कि जिस एरिया में पप्पू यादव अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे हुए थे वो प्रतिबंधित जगह है. इस स्थान पर आप धरना प्रदर्शन नहीं कर सकते. अगर आप ऐसा करते हैं तो आप कानून तोड़ते हैं. पप्पू यादव ने ऐसा ही कुछ किया था. उस दौरान जब सीएम सचिवालय का घेराव किया जा रहा था तो पप्पू यादव भी छात्र जाप के नेताओं के साथ थे. कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था. अब पप्पू यादव के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया गया है.