किसान अदालत में पप्पू यादव ने किसानों का रखा पक्ष, तीनों कृषि कानून को रद्द करने की मांग

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : जन अधिकार पार्टी (लो) के अनिश्चितकालीन धरने के दौरान किसान अदालत का आयोजन किया गया। किसानों की पैरवी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने की, तो वहीं सरकार का पक्ष पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह कुशवाहा ने रखा. इस बहस के दौरान जज की भूमिका जाप के प्रदेश महासचिव अरूण कुमार सिन्हा ने निभाई.

किसानों की बात रखते हुए पप्पू यादव ने कहा कि शासन करने वालों ने हमेशा किसानों को लूटा है. पहले अंग्रेजी सरकार किसानों पर अत्याचार करती थी और अब स्वतंत्र भारत की सरकार किसानों को बर्बाद करने में लगी हुई है. ये तीनों कृषि कानून किसानों के हित में नहीं है. सरकार को इन्हें रद्द कर देना चाहिए.



जाप अध्यक्ष ने कहा कि हमारे देश की आधी आबादी कृषि क्षेत्र से जीवन यापन करती है. ये कानून इन सभी के जीवन को प्रभावित करेगा. किसानों की चिंता तभी समाप्त होगी जब केंद्र सरकार एमएसपी की गारंटी दे. आगे उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है. पूंजीपतियों की नजर इस पर है. अगर किसानों को आर्थिक रूप से सुरक्षित नहीं किया गया तो पूंजीपति इन्हें बर्बाद कर देंगे.

आपको बता दें कि जाप किसानों के समर्थन में तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर बड़ी पहाड़ी, बाइपास पटना में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हुई है. सोमवार धरने का छठा दिन था. पप्पू यादव के अलावा किसानों की ओर से राष्ट्रीय प्रधान महासचिव रघुपति सिंह, पूर्व विधायक भाई दिनेश, प्रेमचंद सिंह, राजेश रंजन पप्पू, जावेद इकबाल, हरेंद्र मिश्रा, नवल किशोर यादव, नित्यानंद यादव, सत्यानंद यादव, श्यामनंदन यादव, विकास बंशी यादव, किसान नेत्री ज्योति चंद्रवंशी और रेणु जायसवाल ने भी बहस की.