तीसरे और आखिरी चरण का चुनाव प्रचार के लिए पप्पू यादव ने झोंकी ताकत, पीडीए प्रत्याशियों के लिए लोगों से मांगा वोट

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन के संयोजक पप्पू यादव ने अपनी प्रतिज्ञा यात्रा के दौरान बुधवार को वैशाली, मधुबनी, सहरसा, मधेपुरा, अररिया और सुपौल में जन सभाओं को संबोधित किया. महुआ विधान सभा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार हिंदू-मुसलमान की राजनीति करते हैं. मैं पीएम और सीएम से पूछना चाहता हूं कि आप यहां आकर अभद्र भाषा का प्रयोग क्यों करते हैं? 15 साल में आपने क्या किया, आप अपने काम की बात क्यों नहीं करते हैं, क्या हुआ चीनी मिल का? क्या हुआ दूग्ध उत्पादन का? आप बाढ़ पर चर्चा नहीं करते हैं.

आगे उन्होंने कहा कि मैंने अपनी पार्टी के शपथ पत्र में कहा है कि राज्य को तीन साल के भीतर बाढ़ से निजात दिलाऊंगा. इसके लिए मैंने कोर्ट में एफिडेविट दिया है. ये चुनाव 3 साल बनाम 30 साल का है. मैं सीएम बनूं या ना बनूं, लेकिन पिछले सात महीने से मैं ही तो हूं. कोरोना वायरस या बाढ़ हो, चिमकी बुखार, शेल्टर हाउस या मिथिला की लड़ाई हो. सभी मुद्दों पर मैं जनता के बीच था.



महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए जाप अध्यक्ष ने कहा कि जब राज्य के 18 जिले बाढ़ की चपेट में थे तब लालू यादव के युवराज नहीं दिखे, कहां गायब थे? कोरोना वायरस में युवराज कहां गायब थे. चमकी बुखार में युवराज कहां गायब थे? अब वोट मांगने आ गए हैं.

पप्पू यादव ने कहा कि यदि हम सरकार में आते हैं तो मिड डे मिल रसोइया के मानदेय को 3000 रूपए, विकास मित्र को 20000, टोला सेवक, शिक्षा सेवक और तालिमी मरकज़ को 15000-15000 रुपए और आंगनवाड़ी सेविकाओं को 7,000 रुपए  किया जाएगा. 

पप्पू यादव ने कहा कि हमारी सरकार गरीब के घर में जन्म लेने वाली बेटी के नाम पर बैंक में एक लाख का फिक्स डिपॉजिट जमा कराईगी. सरकारी नौकरी में 50 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएगी. दो साल के भीतर सभी गरीब परिवारों को एक बीएचके का फ्लैट देंगे.