वाल्मीकिनगर से उपचुनाव लड़ेंगे पप्पू यादव, 15-20 सितंबर के बीच सीएम उम्मीदवार की करेंगे घोषणा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :  जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने बिहार के वाल्मीकिनगर उपचुनाव लड़ने की घोषणा की. कहा कि 15 से 20 सितंबर के बीच हम सीएम के उम्मीदवार की भी घोषणा करेंगे. मुख्यमंत्री अत्यंतपिछड़ा या दलित वर्ग से होगा और उपमुख्यमंत्री अल्पसंख्यक वर्ग से होगा.

उन्होंने कहा कि एक 5 सदस्यीय कमिटी सामान्य विचारधारा वाली पार्टियों से गठबंधन के संबंध में बात करेगी. इस कमिटी में पूर्व मंत्री सह राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अखलाक़ अहमद, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एज़ाज अहमद, पूर्व विधायक सह राष्ट्रीय महासचिव रामचंद्र सिंह यादव, प्रदेश अध्यक्ष रघुपति सिंह और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह कुशवाहा हैं. अंत में पप्पू यादव ने पूर्व विधायक अजय कुमार बुलगानीन की अध्यक्षता में केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्यों की घोषणा की.



उन्होंने कहा कि पीएम मन की बात करते हैं लेकिन जनता की दिल की बात नहीं सुनते. जब कोरोना वायरस के मामले 50 से भी कम थे तब पूरे देश में लॉकडाउन लागू कर दिया गया. अब जब मामले 36 लाख से अधिक और औसत मृत्यु दर 850 से अधिक हो चुकी है तो सब कुछ क्यों खोला जा रहा है?

देशभर में कोरोना से 65 हज़ार लोग मार चुके हैं और पिछले एक हफ्ते से दुनिया में सबसे अधिक मामले भारत में आ रहे है. फिर भी कोरोना पर कोई चर्चा नहीं हो रही है. पिछले एक महीने से केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने एक भी प्रेस कांफ्रेंस नहीं की है. उक्त बातें जन अधिकार पार्टी (को) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही.

मजदूरों के वापस दूसरे शहरों में जाने पर जाप अध्यक्ष ने कहा कि, मजदूरों को प्लेन का टिकट और 6 महीने का पैसा देकर दूसरे राज्यों के व्यापारी वापस ले जा रहे हैं. नीतीश कुमार ने प्रवासी मजदूरों को धोखा दिया है. बिहार में उनके लिए रोजगार की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

पप्पू यादव ने आगे कहा कि, राज्य सरकार चुनाव के महीने में नौकरियों की घोषणा क्यों कर रही है? मैं चुनाव आयोग से आग्रह करता हूँ कि इस पर तत्काल रूप से रोक लगाया जाए. साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव से तीन महीने पहले कोई भी उद्घाटन या योजना की शुरुआत नहीं होनी चाहिए.

पप्पू यादव ने कहा कि पहले होता था गरीबी हटाओ लेकिन अब हो गया है गरीबी बढ़ाओ. बिहार के गरीब लोग बाहर जा रहें हैं लेकिन नीतीश कुमार मस्त है. उन्हें मजदूरों की कोई चिंता नहीं है. नलजल योजना घोटाला योजना है.