पटना में OLX पर बिक रही चोरी की गाड़ियां, मल्टीलेवल पार्किंग के स्टाफ भी हैं शामिल

लाइव सिटीज, पटना : OLX जैसी आॅनलाइन साइट के जरिए अगर आप फोर व्हीलर गाड़ियां खरीदते हैं तो थोड़ा संभल जाएं. हो सकता है जो गाड़ी आप आॅनलाइन खरीद रहे हैं, वो चोरी की हो! चौंक गए न आप. लेकिन ये सच्चाई है. इस सच्चाई को सामने लाया है, पटना पुलिस की टीम ने. दरअसल, OLX के जरिए चोरी की कार को बेचने और लोगों को ठगी का शिकार बनाने का पटना में एक बड़ा मामला सामने आया है. ठगी का ये मामला राजधानी के कोतवाली थाना से जुड़ा है.

इस मामले में कोतवाली थाने की पुलिस टीम ने शातिर बदमाश अरूण कुमार राय को गिरफ्तार किया है. साथ ही इसके निशानदेही पर 6 लग्जरी गाड़ियों को बरामद किया गया है. जिसमें 2 इंडिगो, 2 इंडिका, एक जाइलो और एक टाटा बोल्ट कार शामिल है. आगे देखें, SSP मनु महाराज बता रहे हैं पूरी कहानी… 

ये है पूरा मामला

नेहरू नगर के रहने वाले मुकेश कुमार ने 6 महीने पहले OLX के जरिए अरूण कुमार राय से एक टाटा इंडिगो कार खरीदी थी. गाड़ी के ट्रांसफर के लिए मुकेश लगातार लगे हुए थे. लेकिन ट्रांसफर पेपर बन नहीं पा रहा था. गाड़ी मोतिहारी की थी. इसलिए मुकेश को लगातार वहां के डीटीओ आॅफिस में चक्कर लगाना पड़ रहा था.

इसी दौरान पता चला कि गाड़ी की स्क्रीन रिपोर्ट में गड़बड़ी है. उसे ठीक कराने के लिए गाड़ी को खरीदने वाले और उसे बेचने वाले, दोनों को डीटीओ आॅफिस में एक साथ जाना होगा. जब मुकेश ने अरूण कुमार राय से कांटैक्ट करने की कोशिश की तो उसने अपना मोबाइल स्वीच आॅफ कर लिया. काफी खोजबीन के बाद पटना में बुद्ध स्मृति पार्क के पास अरूण कुमार राय को मुकेश ने खोज निकाला.

इसके बाद उसे पता चला कि अरूण फर्जी पेपर के जरिए चोरी की गाड़ियों को ठिकाने लगाता है. फिर पूरे मामले की जानकारी कोतवाली थाने की पुलिस को दी गई. जिसके बाद थानेदार राम शंकर सिंह ने अपने टीम के साथ मिलकर कार्रवाई को अंजाम दिया.

मल्टीलेवल पार्किंग के स्टाफ भी शामिल

चोरी की गाड़ी को ठिकाने लगाने का ये अपने तरह का बिल्कुल नया मामला था. जब पुलिस की टीम ने इस मामले में आगे की जांच की तो और भी चौंकाने वाली बात सामने आई. आश्चर्य वाली बात ये है कि अलग—अलग जगहों से चोरी की गाड़ियों को पटना लाया जाता था. फिर चोरी की उन गाड़ियों को बुद्ध स्मृति पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग में पार्क कर दिया जाता था. गाड़ियां तब तक पार्किंग में खड़ी रहती थी, जब तक उसका फर्जी पेपर न बन जाए और उसे दूसरे को बेचकर ठिकाने न लगा दें. पुलिस की मानें तो इस खेल में मल्टीलेवल पार्किंग में काम करने वाले कुछ स्टाफ भी अरूण कुमार राय से मिले हुए थे. जिन्हें मुंह बंद रखने के लिए अलग से रकम दी जाती थी.

एसएसपी मनु महाराज ने इस मामले की सही से जांच करने की जिम्मेवारी डीएसपी लॉ एंड आॅर्डर डॉ. मो. शिब्ली नोमानी को दी है. अब देखना है कि पुलिस के आगे की जांच में किस तरह की बातें निकलकर सामने आती है.

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