पटना पुलिस ने प्लानिंग पर फेरा पानी, 50 हजार के इनामी रहे नक्सली ने रची थी बड़ी साजिश

लाइव सिटीज, पटना/अमित जायसवाल : पटना जिले में एक बड़ी आपराधिक वारदात होने वाली थी. खून का बदला खून से लिया जाना था. दोस्त की हत्या का बदला हत्या करके लिया जाना था. इसके लिए एक बड़ी प्लानिंग तैयार की गई. प्लानिंग तैयार करने वाला शख्स खुद मोस्ट वांटेड नक्सली है. वो 50 हजार का इनामी रह चुका है. उसके उपर हत्या, लूट और रंगदारी जैसे 18 से भी अधिक एफआईआर दर्ज हैं. दोस्त की हत्या का बदला लेने के लिए उसने तीन शार्प शूटर्स को हायर किया था. उन्हें एक लाख रुपए की सुपारी तक दे डाली.

सारी प्लानिंग फिक्स हो चुकी थी. लेकिन यहां पर वाकई में तारीफ करनी होगी पटना पुलिस की. तारीफ करनी होगी एसएसपी गरिमा मलिक और पालीगंज के एसडीपीओ मनोज पांडेय और इनकी टीम की. इनकी टीम ने नक्सली और अपराधियों की पूरी प्लानिंग पर न सिर्फ पानी फेरा, बल्कि एक शख्स की जान भी बचाई. साथ ही प्लानिंग रचने वाले नक्सली सतीश महतो, दो लाइनर और हत्या की सुपारी लेने वाले तीन लाइनर को भी गिरफ्तार किया. दअरसल, ये पूरा मामला खिड़ी मोड़ थाना इलाके का है.

रांची से आए कॉल के बाद अलर्ट हो गई थी पुलिस

पटना पुलिस को मिले इस पूरे सफलता के पीछे एक अनजान कॉल है. बात गुरुवार की है. सोर्स के अनुसार पटना की एसएसपी गरिमा मलिक छुट्टी पर थी. इसके बाद भी वो अपनी ड्यूटी को नहीं भूलीं. सबसे पहले रांची से उनके नंबर पर एक अंजान कॉल आया. कॉल करने वाले ने एक शख्स की हत्या किए जाने की साजिश की जानकारी उन्हें दी. इलाका के बारे में भी बताया गया. लेकिन हत्या किसकी होनी थी, इस बारे में कुछ भी नहीं पता था.

इस मामले में पटना पुलिस ने पूरी तरह से बॉलीवुड की फिल्म की तरह काम किया. इलाका पता था, इसलिए एसएसपी ने पालीगंज के डीएसपी मनोज पांडेय की अगुवाई में एक टीम बना डाली. फिर क्या था, मनोज पांडेय और उनकी टीम पूरे एक्शन में रही. पटना पुलिस के स्पेशल सेल को एक्टिव कर दिया गया. कनेक्शन खंगालते-खंगालते पुलिस टीम हायर किए गए तीन शार्प शूटर्स सुजीत कुमार, अमित कुमार और प्रफुल्ल कुमार तक पहुंच गई. इस केस में यह पहली और बड़ी सफलता थी. इसके बाद जो क्लू मिला, उसके आधार पर तो पूरे केस का ही खुलासा कर दिया गया. शार्प शूटर्स के जरिए पुलिस टीम लाइनर अनिल यादव और विद्या नंद पाठक और फिर नक्सली सतीश महतो तक पहुंची. इन सभी के पास से तीन पिस्टल, 11 गोली, 8 मोबाइल और अरवल जिले से लूटी गई एक बाइक बरामद की गई.

यह है मुख्य वजह

जिस शख्स की हत्या होनी थी, उसका नाम नवीन यादव है. अब हत्या की साजिश रचने की वजह हम आपको बताते हैं. पिछले साल छठ पूजा के दौरान रालोसा नेता अमित भूषण की हत्या हुई थी. जिसके बाद बड़ा बवाल हुआ था. इस हत्या का आरोप अनिल शर्मा के उपर लगा था. पुलिस की मानें तो नवीन यादव भी आपराधिक प्रवृति का है. अमित भूषण की हत्या का बदला लेने के लिए नवीन यादव ने इसी साल मई महीने में भोजपुर के सहार थाना इलाके में अनिल शर्मा की हत्या करा दी.

पुलिस के अनुसार अनिल शर्मा और नक्सली सतीश महतो की 40 साल पुरानी दोस्ती थी. दोस्त की हत्या का बदला लेने के लिए नक्सली सतीश महतो ने नवीन यादव की हत्या की साजिश रची और इसके लिए तीन शार्प शूटर्स हायर किए. साथ ही पुलिस के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए विद्या नंद पाठक को लाइनर के रूप में खिड़ी मोड़ थाना के आगे बैठा दिया. लेकिन इनकी सारी प्लानिंग पर ही पटना पुलिस ने पानी फेर दिया.

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