तुरंत चेक करें अपना बैलेंस, लाखों खातों से रूपया सोख लिया है स्टेट बैंक ने

SBI

पटना : आपने अपना बैंक खाता चेक किया क्या? कहीं स्टेट बैंक में तो खाता नहीं है. तुरंत चेक करिए. इसकी जरुरत तब और भी है, जब महीने की अंतिम तारीख आते-आते आपके पास बचाने को रूपये नहीं होते हैं. खर्चा किसी तरीके से चलता है. अभी तो और फेस्टिव सीजन है. बैंक 30 सितम्बर को भी बंद थे और आज 1 अक्टूबर को भी. कल सोमवार 2 अक्टूबर को भी बैंक बंद रहेंगे.

पर, बंदी के बावजूद मशीनें काम करती रहती है. फाइनेंसियल इयर 2017-18 के तीसरे क्वार्टर की शुरुआत आज 1 अक्टूबर को हुई है. इसके पहले बैंकों की मशीनों ने 30 सितम्बर की रात सभी खातों का हिसाब कर लिया है. मार कामगारों और गरीबों के खातों पर पड़ी है. यह पीड़ा अब खुलकर सोशल मीडिया में वायरल हो रही है. पटना के राजेश ठाकुर की तकलीफ उनके द्वारा तैयार फेसबुक पोस्टर में देखें –

राजेश ठाकुर की तकलीफ गहरी है. अभी कुछ दिन पहले ही स्टेट बैंक ने 265 रुपया काटा था. अब फिर से 88.50 रूपये काट लिए हैं. किससे शिकायत करें, कोई सुनेगा भी क्या. फिर दौड़-धूप में काम का जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई कौन करेगा. परेशान अकेले राजेश ठाकुर नहीं हैं. नवगछिया के राकेश कुमार रौशन की तकलीफ देखें. उन्होंने भी फेसबुक पर पोस्टर लगाया है. बड़ी चपत लग गई है इनकी. स्टेट बैंक से अब बिलकुल बैंकिंग नहीं करेंगे.

राकेश कुमार रौशन का खाता नवगछिया के स्टेट बैंक के नारंगपुर ब्रांच में था. जब स्टेट बैंक का नखरा अधिक बढ़ा तो इन्होने ट्रांजैक्शन बंद कर दिया था. परिणाम, स्टेट बैंक में जो कुछ भी बचा था, सब बैंक ने सोख लिया और बैलेंस जीरो कर दिया. अब बेचारे राकेश कुमार रौशन करें तो क्या. शिकायत सिर्फ स्टेट बैंक तक ही सीमित नहीं रह गई है. स्टेट बैंक ने जब अपने ग्राहकों का अकाउंट सोखना शुरू किया, तो दूसरे बैंकों ने भी स्टेट बैंक के कायदे कानून की राह पकड़ ली. पटना के नवजीत कुमार की पीड़ा को देखें –

नवजीत के खाते से मिनिमम मेंटेनेंस के नाम पर सितम्बर के प्रारंभ में फिर से 57.50 रुपया काटा गया था. नवजीत ने तब टिप्पणी की थी – खून चूस लो सरकार. नवजीत इस सदमे से उबरते, उसके पहले ही बैंक ऑफ़ इंडिया ने बैंक मेंटेनेंस के नाम पर 700  रुपया और काट लिए. अब नवजीत ने फेसबुक पर पोस्टर लगाया – जय हो मोदी चाचा.

आपको बताते चलें कि पहले क्वार्टर में स्टेट बैंक ने देश के खाताधारकों से मिनिमम बैलेंस न मेन्टेन करने के जुर्म में 235 करोड़ रूपये काट लिए थे. वैसे बैंक ने 1 अक्टूबर से प्रभावी नए नियम में ये कहा है कि अब उनके ही खाते से मिनिमम बैलेंस न रखने का पैसा काटेंगे, जिनके शहरी क्षेत्र के खाते में कम से कम 3000, अर्ध शहरी क्षेत्र में 2000 और ग्रामीण क्षेत्र में 1000 रूपये नहीं होंगे. स्टेट बैंक के इस नए नियम पर भी सोशल साइंटिस्ट का गहरा एतराज है. उनका कहना है कि बात जीरो बैलेंस और सबों के बैंक अकाउंट की हुई थी, फिर इस देश में बहुत बड़ी आबादी ऐसी है, जो महीने में हजार रुपया क्या, 500 रुपया नहीं बचा पाती, तो फिर उनके खातों में बैंकों द्वारा डाका डालने का क्या मतलब है.

यह भी पढ़ें – स्टेट बैंक की कड़ी कार्रवाई, जुर्माने में अपने ग्राहकों से वसूला 235 करोड़
आम से ख़ास तक पर मार : विमान ईंधन के साथ ही LPG की कीमत बढ़ी
आज से बदल गए हैं कई नियम, सीधा असर आपके लाइफस्टाइल पर
1 अक्टूबर से कई चीजें बदलने वाली हैं, पड़ेगा आपकी जेब पर असर
PUJA का सबसे HOT OFFER, यहां कुछ भी खरीदें, मुफ्त में मिलेगा GOLD COIN
मौका है : AIIMS के पास 6 लाख में मिलेगा प्लॉट, घर बनाने को PM से 2.67 लाख मिलेगी ​सब्सिडी
RING और EARRINGS की सबसे लेटेस्ट रेंज लीजिए चांद​ बिहारी ज्वैलर्स में, प्राइस 8000 से शुरू

(लाइव सिटीज मीडिया के यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)