नयी सरकार के लिए जनता का एजेंडा तय, दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा- नीतीश और मोदी के खिलाफ चुनाव में दिखा बिहार का गुस्सा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की हार जरूर हो गयी लेकिन घटक दल आरजेडी के बाद माले का स्ट्राइक रेट काफी अच्छा रहा. चुनाव परिणाम के बाद माले की ओर से प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किय गया. जिसको संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार एक धोखा है, यह सरकार जनता को डबल बुलडोजर की सरकार है.

बीजेपी की मंशा विपक्ष मुक्त की है. लेकिन बिहार की जनता ने अपनी ताकत दिखायी है. महागठबंधन के नीति और नियति से लोग काफी प्रभावित हुए, और चुनाव जन आंदोलन में तब्दील हो गया.



उन्होंने कहा कि जनता ने लॉकडाउन के समय प्रवासी मजदूरों के सवाल, रोजगार के सवाल और निजीकरण के खिलाफ अपना जनमत दिया है. नीतीश कुमार और नरेन्द्र मोदी के खिलाफ बराबर रूप से बिहार का गुस्सा चुनाव में दिखा. इस बार के चुनाव की तुलना 2015 से नहीं, बल्कि 2010 से की जा सकती है.

26 नवंबर को श्रम कानूनों में बदलाव के खिलाफ देश भर में ट्रेड यूनियनों की हड़ताल होगी. इसकी घोषणा करते हुए दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि 26-27 को देश भर में किसानों का आंदोलन होगा. कहा कि कोरोना काल में महिलाओं ने बंगाल में बड़े आंदोलन किए. इसमें माले की बड़ी भूमिका रही. बंगाल के चुनाव में वाम दल, ममता बनर्जी के साथ जाएगा कि नहीं, यह अभी तय नहीं हुआ है.