हाईकोर्ट पहुंचा ‘उल्टा झंडा’ फहराने का मामला, जदयू ऑफिस में हुआ था तिरंगे का अपमान

लाइव सिटीज डेस्क : रिपब्लिक डे पर बिहार जदयू कार्यालय में उल्टा झंडा फहराने का मुद्दा अब हाईकोर्ट पहुँच गया है. पटना हाईकोर्ट के सीनियर लॉयर मणिभूषण प्रताप सेंगर ने इस मामले में PIL दाखिल कर दिया है. उन्होंने यह याचिका प्रिवेंशन इनसल्ट टू नेशनल ऑनर एक्ट 2005 के तहत डाली है. इस कानून के तहत राष्ट्र ध्वज का रंग केसरिया ऊपर और हरा नीचे रखने का कड़ा नियम है. लेकिन भारत के संविधान का उल्लंघन जदयू कार्यालय में गणतंत्र दिवस पर किया गया है. सीनियर एडवोकेट का कहना है कि जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने राष्ट्र ध्वज को उल्टा फहराया है. सत्तारुढ़ दल के प्रदेश अध्यक्ष को संविधान की इतनी जानकारी होनी चाहिए और उन्हें राष्ट्र ध्वज का सम्मान सहीं ढंग से करना चाहिए.

मालूम हो कि 26 जनवरी यानी रिपब्लिक डे को जदयू के प्रदेश अध्यक्ष और सीनियर लीडर वशिष्ठ नारायण सिंह ने जदयू कार्यालय में उल्टा झंडा फहरा दिया था. हालाँकि इसे बाद में ठीक भी कर लिया गया था. याचिकाकर्ता सेंगर ने कहा कि इस बात की भी जांच की जानी चाहिए कि गलत झंडोत्तोलन के लिए असल रूप से कौन जिम्मेदार है.सेंगर ने PIL में जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह समेत कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया है.


बता दें कि अधिवक्ता सेंगर ने याचिका डालने से पहले भी मीडिया को इस बात की जानकारी दी थी. उन्होंने कहा था कि जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने गलती करने के बाद भी राष्ट्र से माफी नहीं मांगी है. इसके लिए उन्हें 3 साल की सजा व जुर्माना भी हो सकता है. एक्ट के तहत राष्ट्रीय ध्वज को जमीन पर नहीं झुकने देना है लेकिन जो वीडियो वायरल है उसमें झंडा जमीन से सटा हुआ है. जदयू के प्रदेश कार्यालय में वशिष्‍ठ बाबू ने फहराया उल्‍टा तिरंगा, बाद में ठीक किया गया

सेंगर ने इस घटना के बाद ही कह दिया था कि वे इस मामले में PIL जरूर डालेंगे. उन्होंने कहा कि राष्ट्र का सम्मान देश के हर इंसान को करना चाहिए. राष्ट्र ध्वज हमारी शान है और इसका अपमान जदयू कार्यालय में हुआ है.

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