मुजफ्फरपुर में गरजे पीएम मोदी, बिना नाम लिए ही तेजस्वी को बताया ‘जंगल का युवराज’

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान जारी है. इस बीच आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार दौरे ओर हैं. इसी सिलसिले में पीएम ने आज तीन जिलों में सभाओं को संबोधित किया. पहला दरभंगा, दूसरा- मुजफ्फरपुर और तीसरा पटना के वेटनरी ग्राउंड में चल रही है. मुजफ्फरपुर में पीएम मोदी के साथ बिहार के मुखिया सीएम नीतीश कुमार भी मौजूद थे. जहां उन्होंने चुनाव को लेकर लोगों को जागरूक किया.

चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा मुजफ्फरपुर आया हूं, आपका ये प्यार मुझे अभिभूत कर देता है. आपका यही प्यार मेरी ऊर्जा है, मेरी प्रेरणा है. कोरोना की वजह से पूरी दुनिया चिंता में है. बिहार को स्थिर सरकार बनाये रखने की जरुरत है. ये समय हवा हवाई बातें करने वालों लोगों को नहीं बल्कि जिनके पास अनुभव है, जो बिहार को एक गहरे अंधेरे से निकालकर यहां तक लाये हैं, उन्हें दुबारा चुनने का अवसर है.



पीएम मोदी ने तेजस्वी यादव को जंगलराज का युवराज बताया है. पीएम ने कहा कि जंगलराज के युवराज से बिहार की जनता पुराना ट्रैक रिकॉर्ड के हिसाब से क्या उपेक्षा कर सकती हैं. जंगलराज में सबकुछ सिखने वाले लोगों को अच्छी तरह से बिहार की जनता चाहनी है.

पीएम मोदी ने कहा कि एक तरफ महामारी हो और दूसरी तरफ जंगलराज करने वाले आ जाए तो बिहार के लोगों पर दोहरी मार हो जाएगी. सोचिए कोरोना से लड़ाई के लिए इतनी राशि खर्च की जा रही है. खासतौर से योजना खर्च की जा रही है. अगर ऐसी टोली आई तो इन पैसों का क्या होगा. पीएम मोदी ने कहा कि इस बार बिहार का चुनाव बहुत ही असाधारण परिस्थिति में हो रहा है. कोरोना के कारण आज पूरी दुनिया चिंता में है. महामारी के समय में बिहार को स्थिर सरकार बनाए रखने की जरूरत है. विकास को सुशासन को सर्वोपरि रखने वाली सरकार की जरूरत है.

पीएम मोदी ने कहा कि वो दल जिन्होंने बिहार को अराजकता दी. कुशासन दिया वो फिर मौका खोज रहे हैं. जिन्होंने बिहार के नौजवानों को गरीबी और पलायन दिया. सिर्फ अपने परिवार को हजारों करोड़ का मालिक बना दिया. वो फिर मौका चाहते हैं वो दल जो बिहार के उद्योगों को बंद करने के लिए बदनाम हैं. जिनसे निवेशक कोसों दूर भागते हैं. वो लोग बिहार के लोगों को विकास के वायदे कर रहे हैं. सरकारी नौकरी तो छोड़िए इन लोगों के आने का मतलब है. आपका एक वोट ये तय करेगा कि आत्मनिर्भरता का संकल्प लेकर निकले भारत में बिहार की भूमिका क्या होगी? आपका एक वोट तय करेगा कि आत्मनिर्भर बिहार का लक्ष्य कितनी तेज़ी से हम पूरा कर पाएंगे.