पंचतत्व में विलीन हुए महाकवि गोपालदास ‘नीरज’, अंतिम दर्शन को उमड़ा लोगों का हुजूम

लाइव सिटीज डेस्क  प्रसिद्ध गीतकार और महाकवि गोपालदास नीरज आज पंचतत्व में विलीन हो गए. उनकी अंत्येष्टि पर यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, कवि कुमार विश्वास समेत कई हस्तियाँ उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचीं. महाकवि गोपालदास ‘नीरज’ का जब पार्थिव शरीर ताजनगरी लाया गया तो पूरा शहर ग़म के माहौल में डूब गया. यहां नेता, समाजसेवी, व्यापारी, मीडिया, कवि, साहित्यकार आदि उनके निवास पर पहुंच गए. सभी लोग महाकवि को श्रंद्धाजलि देकर उनके जीवन की बातें करने लगे.

गोपालदास ‘नीरज’ के पार्थिव शरीर आगरा के कमला नगर बल्केश्वर लाया. यहां उन्हें अंतिम विदाई देने कवि कुमार विश्वास पहुंचे. महाकवि गोपालदास ‘नीरज’ का पार्थव शरीर देखकर समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्य्क्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की भी आंखें नम हो गईं. बकौल अखिलेश यादव गोपालदास ‘नीरज’ की कई कविताएं याद आती हैं. वे कवि तो थे ही साथ ही वह एक महान व्यक्ति भी थे जो हमें हमेशा याद आयंगे. वह अमर हैं. एसपी नेता शिवपाल यादव भी आगरा आए. शिवपाल ने उन्हें फूल चढ़ाकर श्रंद्धाजलि दी.

महाकवि गोपालदास ‘नीरज’ का जब पार्थिव शरीर ताजनगरी लाया गया तो पूरा शहर ग़म के माहौल में डूब गया. यहां नेता, समाजसेवी, व्यापारी, मीडिया, कवि, साहित्यकार आदि उनके निवास पर पहुंच गए. सभी लोग महाकवि को श्रंद्धाजलि देकर उनके जीवन की बातें करने लगे.

बता दें कि दिवंगत कवि की पत्‍‌नी स्वर्गीय मनोरमा शर्मा के न्यू सरस्वती नगर, बल्केश्वर स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए आज साहित्यकार और राजनेताओं सहित समाजसेवियों की भीड़ लगी रही. कवि ‘नीरज’ का दिल्ली से आगरा जब पार्थिव शरीर पहुंचा तो उसके कुछ समय बाद ही कवि कुमार विश्वास श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचे. उन्होंने ‘नीरज’ के पुत्र शशांक प्रभाकर को सांत्वना दीं. उन्होंने कहा कि नीरज जी का जाना एक पुल का गिरना है. उन्होंने हर कण्ठ पर राज किया. पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी ने उनके गीत गुनगुनाए तो अभिनेता देव आनंद, राज कपूर आदि उनके गीतों पर थिरके.

कुमार विश्वास ने कहा कि दिवंगत शायर निदा फाजली ने जब स्वर्ग में गोपालदास नीरज को देखा होगा तो कहा होगा कि आओ पार्टनर तुम्हें गले लगा लूं. दोनों रचनाकार एक दूसरे के पूरक की भांति थे. देश में ऐसा कोई नहीं जिसने गोपालदास ‘नीरज’ को अपने दिल में जगह न दी हो. अपने जाने को लेकर फकीरी उनके लफ्जों में दिखती थी. हमारे घर का अपना हमसे दूर चला गया. इसकी भरपाई कोई नहीं कर पाएगा.

कुमार विश्वास ने रुंधे गले से कहा कि हमारा पीर हमसे दूर चला गया. महाकवि गोपालदास ‘नीरज’ की पुत्री कुण्डिका शर्मा ने कहा कि हमारे बीच से पिता नहीं गए वह हमारे आदर्श थे. सुबह जबतक उनकी कविताएं गुनगुना न लेते थे तब तक सवेरा ही नहीं होता था. वह माहकवि के साथ साहित्यकार रचनाकार थे. महाकवि गोपालदास ‘नीरज’ को कई पुरुस्कारों से सम्मनित किया गया. विश्व उर्दू परिषद पुरुस्कार, पदमश्री, यशभारती और पद्म भूषण से नवाज़ा गया.

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महाकवि गोपालदास ‘नीरज’ का स्वास्थ्य काफी समय से खराब चल रहा था. उन्हें सबसे पहले आगरा के लॉट्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहां पर उनके दिल की धड़कन जो ठीक से नहीं चल रही थी. उसके साथ ही उनके लिवर में भी इंफेक्शन था. उन्हें पांच डॉक्टरों के पैनल ने उनकी हालत में सुधार लाए. बाकायदा हेल्थ बुलेटिन भी जारी किया लेकिन उनकी हालत फिर बिगड़ गयी थी. इसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स ले जाया गया. वहां पर दो दिन तक कवि की हालत और बिगड़ गई और वे इस दुनिया को अलविदा कह गए.

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