छावनी में तब्दील हुआ वासेपुर, फिर से गैंगवार की आशंका

लाइव सिटीज डेस्क : एक बार फिर गैंग्स ऑफ वासेपुर एक्टिव हो चुका है. रविवार रात वासेपुर के गैंग्स में भिडंत हुई. जिसमे अपराधी पप्पू पाचक के सीने में गोली दाग कर अपराधी फरार हो गए.  आरोप वासेपुर के कुख्यात डॉन फहीम खान के गैंग पर लगा है. ये वही फहीम खान हैं जिस पर अनुराग कश्यप ने गैंग्स ऑफ वासेपुर फिल्म बनाया था. धनबाद के वासेपुर में एक बार फिर वर्चस्व की लड़ाई तेज हो गई है. 

पप्पू पाचक पर फायरिंग के बाद  वहां का माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया है. इलाके में लोग दहशत में आ गए हैं. किसी बड़ी अनहोनी के आशंका को देखते हुए वासेपुर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

बता दें कि पप्पू पाचक को वासेपुर का कुख्यात डॉन फहीम खान का विरोधी माना जाता है. दोनों में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर हमेशा मुठभेड़ होता रहता है.  कल देर रात जब यह घटना घटी तो पप्पू पाचक अपने आठ साल के बेटे और भतीजे के साथ कार से ईद की खरीदारी कर लौट रहा था. इसी दौरान हमलवार ने झरिया पुल पर दो गोली मारी. एक गोली सीने में और दूसरी कंधे में लगी. 

लहूलुहान पप्पू को लेकर उपचार के लिए दौड़ रहे समर्थकों के चेहरों पर भारी गुस्सा था. घायल अवस्था में पप्पू को लेकर अस्पताल पहुंचे समर्थक चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे थे कि अब वासेपुर का नया इतिहास लिखा जाएगा.
समर्थक बोले- भाईजान को गोली मारकर अच्छा नहीं किया, इसका अंजाम अब भुगतना पड़ेगा. पुराना बाजार में पप्पू खान को गोली लगने के बाद उसके समर्थक उसे उठाकर सेंट्रल हॉस्पिटल ले गए. अस्पताल में भारी संख्या में मौजूद समर्थक बार-बार आक्रोशित हो जा रहे थे. सेंट्रल अस्पताल से दुर्गापुर रेफर होने के बाद एंबुलेंस आने में देरी होने पर समर्थक भड़क गए. समर्थकों ने वहां मौजूद चार-पांच के एंबुलेंस के शीशे तोड़ डाले.

लेकिन इस घटना के बाद से प्रशासन अलर्ट हो गई है. ऐसा माना जा रहा है कि पप्पू पाचक के गैंग की ओर से भी हमला हो सकता है. कुल मिला कर वहां का माहौल तनावपूर्ण है. लोगों का कहना है कि यह पुलिस की नाकामी है. अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है. 

कौन है पप्पू पाचक

पप्पू पाचक उर्फ पप्पू खान को फहीम खान का विरोधी माना जाता है. दोनों गुटों में हमेशा गैंगवार होता रहता है.  2008 में पप्पू खान के भाई गयास खान की लाश सिंघाड़ा तालाब में मिली थी. हत्या का आरोप वासेपुर के गैंगेस्टर फहीम खान पर लगा था.  ईद से पहले वासेपुर का माहौल खराब हो गया है. चांदरात को वासेपुर के पप्पू खान को गोली लगने से इलाके का माहौल भी दहशत भरा हो गया है.

गैंगवार का है ऐसा इतिहास

1983: शफी खान, बरवाअड्डा
1984: असगर, नया बाजार
1985: अंजार, भूली मोड़
1986: शमीम खान, धनबाद कोर्ट
1989: छोटे खान, रांगाटांड़
1998: सुल्तान, नया बाजार
1998: नजीर, हिल कॉलोनी मजार
2003: जफर अली, वासेपुर
2003: नजमा, शमां, डायमंड क्रासिंग
2010: वाहिद आलम, रांची
2011: इरफान खान, डीआरएम ऑफिस
2012: सोनू आलम, नया बाजार
2012: आमीर जान, आरा मोड़
2014: टुन्ना खान, पुराना बाजार

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