रूपेश मर्डर मामले में पुलिस को मिला सुराग, सीसीटीवी में दिखी धुंधली तस्वीर, ADG ने किया जल्द खुलासे का दावा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :  रूपेश हत्याकांड में पुलिस के पास कई तरह की बात सामने आई है. लेकिन पटना पुलिस कारणों की बजाय अपराधियो की टोह लेने में लगी है. आज दुकानों के खुलने के बाद पुलिस ने पास में लगे सीसीटीवी को फिर से खंगाला. सीसीटीवी में धुंधली तस्वीर मिली है. पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं. जिसकी जानकारी सचिवालय डीएसपी ने दी. मामले की तफ्तीश कर रहे डीएसपी सचिवालय ने कहा कि कुछ सुराग मिले हैं, उस पर पुलिस कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है. अनुसंधान के कारण बहुत कुछ बता पाना संभव नहीं है. लेकिन जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होगा.

उधर हेडक्वार्टर एडीजी जितेन्द्र कुमार ने इंडिगो के मैनेजर रूपेश की हत्या के बारे में कहा कि अभी तक की जांच में लगता है कि पेशेवर अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है. हत्या की नीयत से ही इस घटना को अंजाम दिया गया है. एसएसपी के नेतृत्व में SIT गठित की गई है. एसआईटी में सिटी एसपी, डीएसपी सहित कई पुलिस अधिकारी शामिल, हत्या की जांच का जिम्मा एसटीएफ को भी दिया गया.



मुंगेर की पिस्टल से मारी गई गोलीं

रूपेश हत्याकांड में मिल रही जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने मैनेजर की हत्या मुंगेर में बनी पिस्टल से की है. उनकी हत्या में 7.65 एमएम की गोली का इस्तेमाल किया गया है. जांच के लिए एयरपोर्ट पहुंचे सचिवालय डीएसपी राजेश प्रभाकर के अनुसार, कुछ ठोस सुराग मिले हैं, लेकिन गोपनीयता की वजह से खुलासा नहीं किया जा सकता है. सबूत जुटाए जा रहे हैं. छापेमारी चल रही है. उन्होंने उम्मीद जताई है, जल्द ही हत्यारे पुलिस की गिरफ्त में होंगे.

दरअसल, राजधानी के शहरी इलाके में सचिवालय से महज 500 मीटर की दूरी पर पुनाईचक के पास जिस तरह अपराधियों ने रूपेश कुमार के सीने में छह गोलियां उतार दी, वह हर किसी को दहशत में डाल दिया है. उस समय रूपेश कुमार अपने अपार्टमेंट के पास कार से पहुंचे ही थे. वहां पर पहले से ही घात लगाकर मौजूद अपराधियों ने महज तीन मिनट में उनके सीने में छह गोलियां उतार दीं. कार की आवाज सुन पत्नी बाहर निकल ही रही थी कि यह वारदात हो गई. पति को खून से लथपथ देख अचेत हो गई. वहीं, रूपेश कुमार को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वे बच नहीं सके.  

नीतीश की चेतावनी भी नहीं आ रही काम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चेतावनी भी काम नहीं आ रही है. उन्होंने दो माह में अब तक चार बार क्राइम मीटिंग कर चुके हैं. जबकि, दो बार वे सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंच चुके हैं. पिछले सप्ताह भी मुख्यमंत्री ने पुलिस मुख्यालय में बैठक की. डीजीपी एसके सिंघल को स्पष्ट कहा, पुलिस को सरकार हर सुविधा देगी. मेन पावर भी देगी. लेकिन क्राइम को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी. लापरवाह अफसरों को टॉलरेट नहीं किया जाएगा. इसके बाद भी न तो पुलिसकर्मियों पर कोई प्रभाव पड़ रहा है और न ही विभाग के अधिकारियों पर. जबकि, अपराधी लगातार क्राइम को अंजाम दे रहे हैं.