बेटियों का पॉलिटिकल डेब्यू, पिता की विरासत संभालने को आतुर श्रेयसी और दिव्या

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में बेटियों का जलवा अब सियासी गलियारे में भी देखने को मिल रहा है. बिहार 2020 की चुनावी जंग में बेटियां विरासत संभालने को आतुर हैं. इसमें बुधवार को नामांकन के साथ दो बेटियों ने पॉलिटिकल डेब्यू किया. दोनों को राजनीति विरासत में मिली हैं. पहला नाम जमुई की बीजेपी प्रत्याशी श्रेयसी सिंह, तो दूसरा नाम दिव्य प्रकाश. संयोग से दोनों ही बेटियां जमुई लोकसभा क्षेत्र से बिलांग करती हैं. श्रेयसी गिद्धौर से तो दिव्य प्रकाश बरहट से आती हैं. दोनों ने ही दिल्ली के आरके पूरम स्थित डीपीएस की प्रोडक्ट हैं. दोनों का पॉलिटिकल फैमिली बैकग्राउंड भी काफी रिच है.

पहले गोल्डेन गर्ल की बात



सबसे पहले बात करते हैं नेशनल शूटर श्रेयसी सिंह की. गोल्डेन गर्ल के रूप में फेमस. नेशनल राइफल एसोसिएशन की मेंबर. श्रेयसी को कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं. उनके पिता दिग्विजय सिंह बांका से कई बार सांसद बने और वाजपेयी सरकार में रेल राज्य मंत्री भी रहे. पिता के निधन के बाद श्रेयसी की मां पुतुल कुमारी ने राजनीति संभाली. बांका से दो बार सांसद रहीं. 2019 में वे हार गई थीं. अब अपने माता-पिता की विरासत को श्रेयसी संभालेंगी. उन्होंने इस सियासी सफर में कदम रखते हुए बुधवार को जमुई विधानसभा क्षेत्र से नामांकन कराया. श्रेयसी को एनडीए की ओर से बीजेपी ने टिकट दिया है. इसी रविवार को ही उन्होंने पार्टी का दामन थामा है.

अब बात दिव्य प्रकाश की

दिव्य प्रकाश को महागठबंधन की ओर से आरजेडी ने तारापुर विधासभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है. इन्हें भी राजनीति विरासत में मिली है. इनके पिता जयप्रकाश नारायण यादव कई बार लालू-राबड़ी शासन में मंत्री रहे हैं. शिक्षा व जल संसाधन विभाग को संभाला है. केंद्र में मनमोहन सरकार में जल संसाधन राज्य मंत्री की जिम्मेवारी मिली थी. बांका से सांसद रह चुके हैं. हालांकि 2019 में हार गए थे. पिता के अलावा दिव्य प्रकाश के चाचा विजय प्रकाश जमुई से दो बार विधायक रहे हैं. 2015 का चुनाव जीतने के बाद मंत्री भी बने. बाद में सरकार गिरने के बाद मंत्री पद से हटना पड़ा. इनके अलावा दादी शांति देवी भी खड़गपुर विधानसभा से 2005 में विधायक रही थीं. राष्ट्रपति शासन के बाद दोबारा चुनाव हुआ तो वे हार गईं.  

बिहार से पिछड़ेपन का टैग हटाउंगी : श्रेयसी

गोल्डेन गर्ल श्रेयसी सिंह ने कहा कि मैं बिहार के पिछड़ेपन को दूर करने की कोशिश करूंगी. ऐसा विकास करूंगी, जिससे प्रदेश से लोगों का पलायन रुके. युवाओं को सम्मान मिले. उन्होंने कहा कि मैं खेल के क्षेत्र से आती हूं, इसलिए चाहती हूं कि बिहार में खेलों को बढ़ावा मिले. बिहार के बच्‍चे अलग-अलग खेलों में आगे आएं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान ने मुझे प्रेरित किया है.

पिता के कार्यों को आगे बढ़ाउंगी : दिव्या

दिव्या प्रकाश ने बताया कि जब खड़गपुर विधासभा क्षेत्र था तो उनके पिता ने विधायक व मंत्री रहते इलाके में विकास की गंगा बहा दी थी. बाद में खड़गपुर विधानसभा नए परिसीमन में बंट गया. इसका मुख्य इलाका तारापुर में चला गया. उन्होंने कहा कि पिता के अधूरे कार्यों को में आगे बढ़ाउंगी. उनके सपने को पूरा करूंगी. तारापुर के चप्पे-चप्पे में विकास कार्य होगा. महागठबंधन के विश्वास की कसौटी पर खरा उतरूंगी.