बिहार जीतने के लिए सियासी दिग्गजों ने जमकर बहाया पसीना, आसमान में खूब उड़े उड़नखटोले…जानिए किसने की कितनी रैलियां…

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान गुरुवार को ​थम गया. कहिए कि नेताओं को इससे निजात मिल गई. इस बार दो कैटेगरी की चुनावी सभाएं हुईं, एक्चुअल व वर्चुअल. लगभग एक माह तक हेलीकॉप्टर व वाहनों से नेताजी घूम-घूमकर तमाम विधानसभा क्षेत्रों में लोगों से अपने-अपने प्रत्याशियों को जिताने की अपील की. एनडीए और महागठबंधन के अलावा पप्पू यादव व उपेंद्र कुशवाहा के गठबंधन पीडीए और जीडीएसएफ की ओर से हेलीकॉप्टर किराए पर लिये गये थे.

बीजेपी की ओर से जिलों में रथ भी रवाना किये गये थे. सबसे ज्यादा बीजेपी की ओर से लगभग 30 हेलीकॉप्टर उड़ाए जा रहे थे. बाकी राजद व कांग्रेस की ओर से तीन से चार तो लोजपा की ओर से दो और जाप व रालोसपा की ओर से एक-एक हेलीकॉप्टर चुनाव प्रचार के लिए रखे गए थे.



नरेंद्र मोदी 12 तो राहुल ने की 8 रैलियां

एनडीए की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार दौरे पर चार बार आए. उन्होंने आठ रैलियों को संबोधित किया. वे पहली बार 23 अक्टूबर को आए. इसके बाद 28 अक्टूबर, फिर 1 नवंबर और अंत में 3 नवंबर को आए. उन्होंने सासाराम, गया, भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पटना, छपरा, मोतिहारी, बगहा, समस्तीपुर,

सहरसा व फारबिसगंज गए. इसी तरह, महागठबंधन की ओर से कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोर्चा संभाला था. उन्होंने बिहार में 8 रैलियों को संबोधित किया. वे भी चार दिन बिहार आए थे. वे इस दौरान हिलसा, कहलगांव, वाल्मीकिनगर, दरभंगा, किशनगंज, कटिहार, अररिया व बिहारीगंज गए.

नीतीश ने लगातार 23 दिन तक चलाया कैंपेन

जदयू के कद्दवर नेता व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर धुआंधार प्रचार किया. उन्होंने अपना प्रचार अभियान 14 अक्टूबर से किया था. आज समापन हुआ. इस तरह, नीतीश कुमार ने लगातार 23 दिनों तक प्रचार किया और एनडीए के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगा. वे पीएम नरेंद्र मोदी की चारों दिन की सभाओं में शिरकत भी किए. नीतीश कुमार ने अपने प्रचार अभियान में अपने विकास कार्यों को गिनाया तो अपने अंदाज में लालू फैमिली पर भी प्रहार किया. उन्होंने 15 साल पहले के अपराधों को गिनाया तो महिला उत्थान की भी नीतीश कुमार ने बात कही.

तेजस्वी ने तोड़ा लालू का रिकॉर्ड

राजद सुप्रीमो लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रचार में अपने पिता का ही रिकॉर्ड तोड़ दिया. वे 16 अक्टूबर से ही प्रचार में निकल पड़े थे. हालांकि 13 अक्टूबर को उन्होंने रोसड़ा से प्रचार करने की घोषणा की थी, लेकिन प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिली थी. बाद में 16 अक्टूबर से उन्होंने आज तक धुआंधार प्रचार किया. इतना ही नहीं, 23 अक्टूबर को तेजस्वी ने राहुल गांधी की हिलसा में हुई सभा में भी शिरकत की तो इस बार उन्होंने अपने पिता का ही रिकॉर्ड तोड़ दिया. बताया जाता है कि लालू के नाम एक दिन में 16 सभा करने का रिकॉर्ड है, जबकि तेजस्वी ने एक दिन में 17 सभाओं के साथ दो रोड शो भी किया.