नीतीश कैबिनेट के नए शिक्षा मंत्री पर उठे सियासी सवाल, भ्रष्टाचारी! मेवालाल पर इतनी मेहरबारी क्यों ?

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में नीतीश कैबिनेट में शामिल नए शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी के नाम पर महाबवाल मचा हुआ है. सियासी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है. रोज-रोज नये-नये खुलासे सामने आ रहे हैं. सवाल तो यह भी उठने लगा है कि उन्हें मंत्री पद की शपथ ही नहीं दिलाई जानी चाहिए.

खास बात कि उनके खिलाफ भागलपुर के पुलिस कप्तान आशीष भारती ने चार्जशीट करने की पूरी तैयारी कर रखी है. आदेश भी राजभवन से ही लेना है. इसे लेकर विपक्ष लगातार हमलावर बना हुआ है, जबकि सत्ता पक्ष बचाव की मुद्रा में आ गए हैं. इतना ही नहीं, वीआरएस लेने वाले आइपीएस अमिताभ कुमार दास ने तो उनकी पत्नी की मौत के मामले को फिर से जांच कराने की मांग की है.



इतना ही नहीं, बिहार के डीजीपी एसके सिंघल को उन्होंने पत्र लिखकर कहा है कि एसआइटी गठित कर पूरे मामले की जांच करायी जानी चाहिए. दूसरी ओर, इसे लेकर राजद सुप्रीमो लालू यादव ने भी नीतीश सरकार पर हमला किया है.

बता दें कि मेवालाल चौधरी के खिलाफ जिस समय मामला दर्ज हुआ था, उस समय बीजेपी के कद्दावर नेता सुशील कुमार मोदी ने भी उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए मेवालाल की गिरफ्तारी की मांग की थी. हालांकि, इन दिनों नियुक्ति घोटाला मामले में मेवालाल चौधरी को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिली हुई है. 16 नवंबर को उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है, जबकि 17 नवंबर को उन्हें शिक्षा विभाग अलॉट किया गया था. तभी से बवाल मचा हुआ है. 

गौरतलब है कि मेवालाल चौधरी का नाम बीएयू भर्ती घोटाले में सामने आया था और राजभवन के आदेश से उनके खिलाफ 161 सहायक प्रोफेसर और कनिष्ठ वैज्ञानिकों की नियुक्ति के मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी. उन्होंने अपने शपथ पत्र में आईपीसी के तहत एक आपराधिक मामला और चार गंभीर मामले घोषित किए हैं. इतना ही नहीं, नीतीश कैबिनेट में सबसे अमीर मंत्रियों की लिस्ट में मेवालाल चौधरी का ही नाम है.