प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम किया संबोधित, कहा- सावधान, अभी कोरोना गया नहीं…

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : पीएम नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि  कोरोना अभी गया नहीं है. अभी भी डर बना हुआ है. लेकिन कोरोना से अभी भी बचने की जरूरत है. मास्क लगाने की जरूरत है. कोरोना संकट को लेकर सेवा परमो धर्म: को हमारे कर्मियों ने अक्षरश: लागू किया है. हमारे डॉक्टर, हमारे सुरक्षाकर्मी, हमारे हेल्थ वर्कर समेत अन्य विभागों के कर्मियों ने कोरोना पीड़ितों की सेवा की.

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जनता कर्फ्यू से लेकर आज तक हम भारतवासियों ने बहुत लंबा सफर तय किया है. समय के साथ आर्थिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही हैं. हम में से अधिकांश लोग अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए फिर से रोज घरों से बाहर निकल रहे हैं. लेकिन हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो,  वायरस नहीं गया है.



आगे पीएम ने कहा कि  बीते 7-8 महीनों में प्रत्येक भारतीय के प्रयास से भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है. यदि आप बिना मास्क लगाए बाहर निकलते हैं तो आप खुद की नहीं, बल्कि पूरे परिवार को संकट में डालते हैं. उन्होंने साफ कहा कि त्योहार का समय है, खुशियों का समय है. हम कठिन समय से निकलकर बाहर निकल रहे हैं. ऐसे में हमारी थोडी सी भी लापरवाही महंगी पड़ सकती है.

उन्होंने कहा कि दो गज की दूरी, बहुत जरूरी है. हम आपको और आपके परिवार को सुरक्षित देखना चाहता हूं. ये समय ये मान लेने का नहीं है कि कोरोना चला गया या फिर अब इससे कोई खतरा नहीं है. जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप लापरवाही बरत रहे हैं, बिना मास्क के बाहर निकल रहे हैं, तो आप अपने आप को, अपने परिवार को, अपने परिवार के बच्चों को, बुजुर्गों को उतने ही बड़े संकट में डाल रहे हैं. हमारे देश के वैज्ञानिक भी वैक्सीन के लिए जी-जान से जुटे हैं. भारत में अभी कोरोना की कई वैक्सीन्स पर काम चल रहा है. इनमें से कुछ एडवान्स स्टेज पर हैं. कोरोना की वैक्सीन जब भी आएगी, वो जल्द से जल्द प्रत्येक भारतीय तक कैसे पहुंचे इसके लिए भी सरकार की तैयारी जारी है. एक-एक नागरिक तक वैक्सीन पहुंचे, इसके लिए तेजी से काम हो रहा है.

बता दें कि इस साल मार्च से लेकर अब तक उन्होंने छह बार राष्ट्र के नाम संदेश दे चुके हैं. मंगलवार को उन्होंने सातवीं बार राष्ट्र को संबोधित किया. इस साल सबसे पहले उन्होंने 19 मार्च को संबोधित किया था और कोरोना संकट के देखते हुए देश में ‘जनता कर्फ्यू’ लगाने का आह्वान किया था. देश ने उन्हें पूरा समर्थन दिया.

पहली बार लोगों ने देखा कि जनता कर्फ्यू क्या होता है. इसके बाद उन्होंने पांच दिन बाद ही यानी 24 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन लगाने का आह्वान किया. पीएम के एक इशारे पर लोग चंद घंटे के बाद ही मतलब 25 मार्च की सुबह से उस पर अमल करने लगे. घर में पूरी तरह कैद हो गए. बता दें कि आज के संबोधन के पहले उन्होंने इसके बारे में ट्वीट कर जानकारी दी.

2020 में पीएम के संबोधनों पर एक नजर….

19 मार्च – पहले संबोधन में जनता कर्फ्यू का ऐलान

24 मार्च – दूसरे संबोधन में 21 दिन का लॉकडाउन

03 अप्रैल – तीसरे संबोधन में दीप जलाने की अपील

14 अप्रैल – चौथे संबोधन में लॉकडाउन-2 की घोषणा

12 मई – पांचवें संबो​धन में 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज व लॉकडाउन 4.0 की घोषणा

30 जून – छठे संबोधन में गरीबों को अब दिवाली-छठ तक मिलेगा मुफ्त राशन