आरजेडी से राज्यसभा प्रत्याशी हो सकती हैं रीना पासवान ! शक्ति सिंह यादव ने कहा- बीजेपी ने रामविलास का किया अपमान

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क: रामविलास पासवान के निधन से खाली राज्यसभा की एक सीट पर बिहार के इसबार एनडीए ने सुशील कुमार मोदी को प्रत्याशी बनाया है. जो 2 दिसंबर को 12.30 बजे पर्चा दाखिल करेंगे. पर्चा दाखिल करने के वक्त सुशील मोदी के साथ सीएम नीतीश भी मौजूद रहेंगे. 3 दिसंबर को नामांकन की आखिरी तारीख है. 14 दिसंबर को वोटिंग होगी.

एनडीए की ओर से सुशील कुमार मोदी को प्रत्याशी बनाए जाने पर आरजेडी ने बीजेपी पर रामविलास पासवान का अपमान करने का आरोप लगाया. पार्टी नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि अगर बीजेपी रीना पासवान को प्रत्याशी बनाती तो स्वर्गीय रामविलास पासवान को एक सच्ची श्रद्धांजलि होती. लेकिन ऐसा ना कर बीजेपी ने उनका अपमान किया है. अगर रीना पासवान को प्रत्याशी बनाया जाता तो आरजेडी भी समर्थन करता.



पहले उम्मीद थी कि यह सीट संभवत: पासवान की पत्नी रीना पासवान को मिले. उन्हें राज्यसभा सांसद के तौर पर दिल्ली भेजा जाए. लेकिन जब बीजेपी ने उम्मीदवार के रूप में सुशील मोदी के रूप में उतार दिया तो सारे कयासों पर विराम लग गया. इसपर चिराग पासवान ने कहा कि यह सीट बीजेपी की थी. बीजेपी ने अपना उम्मीदवार उतार दिया. इससे लोजपा का कुछ भी लेना-देना नहीं है.

आरजेडी में तीन नामों पर चर्चा तेज

सियासी गलियारे में हो रही चर्चा की मानें तो आरजेडी रीना पासवान को महागठबंधन प्रत्याशी बना सकता है. राबड़ी देवी और तेजस्वी ने हामी भर दी है. अब सिर्फ लालू यादव के हां कहने का इंतजार है. उधर रीना पासवान और चिराग की ओर से भी संकेत मिलते ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी.

इसके अलावे दो और नामों के संकेत मिल रहे हैं. आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और पार्टी के वरीय नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी. सिद्दीकी इस बार विधानसभा चुनाव में हार गए थे. वे दरभंगा के केवटी से खड़ा हुए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली.

सूत्रों की मानें तो जगदानंद को उम्मीदवार बनाए जाने के पीछे सवर्ण वोटरों खासकर राजपूत समुदाय को लुभाना है. वहीं यदि सिद्दीकी होते हैं तो अल्पसंख्यक वोटरों की सहानुभूति मिलेगी. इस बार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह जीत गए हैं. संभव है कि अंतिम समय में आरजेडी कोई नया नाम दे दे.