लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: कृषि, पशुधन और आपूर्ति मंत्री टेरेजा क्रिस्‍टीना कोरिया दा कोस्‍टा डायस के नेतृत्‍व में ब्राजील के प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय उपभोक्‍ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री भारत सरकार  राम विलास पासवान से संक्षिप्‍त विचार-विमर्श हेतु 23 जनवरी 2020 को भेंट की. इस अत्‍यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई आपसी बातचीत के दौरान सचिव, खाद्य और सार्वजनिक वितरण, रवि कांत और ओरलेंडो, लीटे रिबीरो, अंतर्राष्‍ट्रीय संबंध और व्‍यापार सचिव, डेलसी डि जीसस बागोलिन, कृषि अटैशे और पेड्रो मारीयनो मार्ल्‍टिन्‍स पोन्‍टेस, सचिव ब्राजील दूतावास भी उपस्‍थित थे.

ब्राजील की मंत्री का स्‍वागत करते हुए राम विलास पासवान ने दोनों देशों के बीच उत्‍कृष्‍ट राजनीतिक संबंधों और रणनीतिक भागीदारी को रेखांकित किया और कहा कि दोनों देशों में विभिन्‍न अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्दों पर बहुत अधिक मतैक्‍य और समझ है. भारत सरकार द्वारा अपने नागरिकों की खाद्य सुरक्षा का समाधान सुनिश्‍चित करने के लिए किए गए उपायों पर प्रकाश डालते हुए यह भी सूचित किया कि देश में लगभग 800 मिलियन लोग फिलहाल लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अधीन कवर किए जाते हैं, जिसके जरिए लाभार्थियों को भारत सरकार द्वारा अत्‍यधिक राजसहायता प्राप्‍त मूल्‍यों पर खाद्यान्‍नों का वितरण किया जाता है.

उन्‍होंने ब्राजील के प्रतिनिधि मंडल को यह भी सूचित किया कि भारत ने राशन कार्ड की अंतर-राज्‍य पोर्टेबिलिटी सुनिश्‍चित करने के लिए ‘एक राष्‍ट्र, एक राशन कार्ड’ नामक कार्यक्रम भी शुरू किया है. इस बातचीत के दौरान पासवान ने ब्राजील के प्रतिनिधि मंडल से अनुरोध किया कि वे समान उपाय के रूप में विशेष रूप से मक्‍का के बीज और प्‍याज के लिए ब्राजील में भारतीय वस्‍तुओं हेतु बाजार पहुंच मंजूर करने पर विचार करें, जिसके लिए वर्ष 2012 से अनुरोध लंबित है, क्‍योंकि भारत ने पहले ही कपास, मक्‍का, सोयाबीन आदि जैसी विभिन्‍न वस्‍तुओं के निर्यात के लिए ब्राजील हेतु बाजार पहुंच मंजूर कर दी है.

राम विलास पासवान ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा मुक्‍त यात्रा के बारे में ब्राजील द्वारा की गई हाल की घोषणा के लिए ब्राजील के प्रतिनिधिमंडल का धन्‍यवाद दिया और आशा व्‍यक्‍त की कि भारत और भारत–मर्कोसुर प्रेफरेनश्यिल ट्रेड समझौते का दोनों देशों के लाभ के लिए और विस्‍तार किया जाएगा.

कृषि, पशुधन और आपूर्ति मंत्री टेरेजा क्रिस्‍टीना कोरिया दा कोस्‍टा डायस ने भारतीय पक्ष, विशेष रूप से मंत्री को बातचीत करने के लिए धन्‍यवाद दिया और कहा कि चीनी एवं एथनॉल से संबंधित तकनीक, अनुसंधान में सहयोग के लिए दोनों देश एक दूसरे के अनुभवों को साझा करेगें. पेट्रोलियम में सही अनुपात में एथनॉल मिलाने से प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन की दिशा में बेहतर कार्य किया जा सकता है. भारत में कार्यरत ICAR एवं NSI के साथ MoU करने का प्रस्ताव दिया जिसमें दुग्ध उत्पादन, भैंस, गन्ना एवं एथनॉल सहित अन्य उत्पादों के तकनीक पर साझा काम किया जा सकता है और आश्‍वस्‍त किया कि भारत द्वारा उठाए गए मुद्दोंं पर विधिवत विचार किया जाएगा.

उन्‍होंने यह आशा भी व्‍यक्‍त की कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध, जो लेटिन-अमेरिका क्षेत्र में सबसे पुराने हैं, आने वाले वर्षों में मजबूत और गहरे होते रहेंगे, क्‍योंकि भारत और ब्राजील के लोगों की समान आकांक्षाएं हैं और समान विकासात्‍मक चुनौतियां हैं.