अलीमुद्दीन मर्डर : BJP नेता नित्यानंद समेत 11 गौरक्षकों को आजीवन कारावास

लाइव सिटीज डेस्क : झारखंड के बहुचर्चित अलीमुद्दीन अंसारी मर्डर केस में बड़ा फैसला आया है. रामगढ़ के फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने महज 8 महीने 17 दिन में फैसला कर दिया. सभी 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने 16 मार्च को ही सभी दोषियों पर आरोप तय किए थे. इस हत्याकांड में बीजेपी नेता नित्यानंद महतो को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जानकारी के अनुसार, बीते साल 29 जून 2017 को प्रतिबंधित मांस ले जाने के शक में मनुवा निवासी अलीमुद्दीन अंसारी की हत्या कर दी गई थी. रामगढ़ के इस बहुचर्चित हत्याकांड के 11 आरोपियों को अदालत द्वारा शुक्रवार को दोषी करार दिया गया था. इन दोषियों में से एक अवयस्क है.

इस मामले की सुनवाई रामगढ़ व्यवहार न्यायालय में एडीजे 2 ओम प्रकाश की अदालत में चल रही थी. मामले में अपर लोक अभियोजक एस.के. शुक्ला ने सरकार की ओर से आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में गवाह, सबूत और दस्तावेज पेश किए. महज आठ माह 17 दिन में कोर्ट ने सुनवाई पूरी की.  ‘राबड़ी देवी कोई IG नहीं हैं, जो किसी के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दें

न्यायालय ने सभी आरोपियों गोरक्षा समिति के अध्यक्ष छोटू वर्मा, दीपक मिश्रा और संतोष सिंह के अलावा भाजपा नेता नित्यानंद महतो, विक्की साव, सिकंदर राम, उत्तम राम, विक्रम प्रसाद, राजू कुमार, रोहित ठाकुर, और कपिल ठाकुर को कोर्ट ने धारा 147, 148, 427/149, 135/149, 302/149 के तहत दोषी करार दिया. इसमें धारा 147 में एक हजार जुर्माना, 148 के लिए दो वर्ष, 427 के लिए एक वर्ष, 435 के लिए तीन वर्ष, धारा 302 के लिए आजीवन कारावास तथा दो हजार रुपये जुर्माना लगाया है. जुर्माना नहीं देने की स्थिति में तीन महीने की साधारण कारावास की सजा दी गई है.

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इसमें तीनों मुख्य आरोपी को धारा 120 (बी) के तहत भी दोषी पाया गया है. सभी आरोपियों के खिलाफ मजमा लगाकर दंगा भड़काने, मारपीट, आगजनी और हत्या का दोष साबित हुआ. मुख्य आरोपी को घटना का मुख्य षड्यंत्रकारी पाया गया. इसके अलावा एक आरोपी को कोर्ट ने अवयस्क पाया. उसके मामले को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के हवाले कर दिया गया. हालांकि अपर लोक अभियोजक ने दलील दी कि उसकी उम्र भी 16 वर्ष से ज्यादा है. इसलिए उसके खिलाफ भी दूसरे आरोपियों के तरह की कार्रवाई की जाए.

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