छठ महापर्व का कायल हुआ रसियन युवक, बोधगया में अर्घ्य देने से अपने आप रोक ना सका सिडन.

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में होने वाली छठ की धमक विदेशों तक सुनायी देती है. दूसरे देश के लोग इस महापर्व को देखने के लिए आतुर रहते हैं. उन्हें जब भी मौक मिलता है इस महान पर्व को काफी नजदीक से देखने की तो वो चुकते नहीं है. ऐसा ही एक नजारा बोधगया के निरंजना नदी के तट पर देखने को मिला.

बोधगया में निरंजना नदी के तट पर आस्था के महान पर्व  छठ पूजा  के अस्ताचलगामी सूर्य को विदेशी युवक ने अर्घ्य दिया. रसिया से आए युवक सिडन ने बताया कि बिहार के लोग डूबते हुए सूरज की भी पूजा करते हैं जो अपने आप में इतिहास है.



विदेशी युवाक सिडन ने डूबते सूर्य के प्रति लोगों की इस आस्था को देखकर काफी आश्चर्य भी हुआ, उसने इसकी खूब सराहना की. उन्होंने कहा कि विदेश में डूबते हुए सूरज को पूजा नहीं की जाती है, लेकिन यहां डूबते हुए सूरज की भी पूजा हो रही है.

सिडन ने कहा कि मैं पहली बार पूजा में शामिल हुआ हूं और इस पर्व  मे शामिल होकर  अपने आप को बहुत खुशनसीब समझ रहा हूं. बता दें कि छठ महापर्व के तीसरे दिन व्रतियों ने भगवान भास्कर के अस्ताचलगामी रूप को अर्घ्य अर्पण किया. कल उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय यह अनुष्ठान संपन्न हो जाएगा.