बिहार में धार्मिक न्यास बोर्ड का गठन, 5 वर्षों से अटकी थी फाइल, हाईकोर्ट के आदेश पर दौड़ पड़ी

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क :  गया के विष्णुपद मंदिर की बदहाली पर पिछले दिनों लोकहित याचिका दायर की गई थी. इसमें धार्मिक न्यास बोर्ड के गठन नहीं होने के बात कही गई थी. इस पर पटना हाईकोर्ट की ओर से लगातार सुनवाई की जा रही थी. कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए निर्धारित समय के अंदर बोर्ड को गठन करने को कहा. पांच साल से अटकी पड़ी फाइल ने रफ्तार पकड़ ली. सुनवाई पर सुनवाई हुई. आज फिर सुनवाई की डेट थी.

लेकिन आज सोमवार को सरकार ने कोर्ट में पूरक शपथ पत्र जमा कर बताया कि राज्य सरकार ने धार्मिक न्यास बोर्ड का गठन कर लिया है. सोमवार को शुरू हुए फिजिकल कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद के खंडपीठ ने गौरव कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई की. सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने जनहित याचिकाकर्ता के युवा वकील सुमित सिंह, राज्य सरकार की तरफ से एएजी अंजनी कुमार व बोर्ड के वकील गणपति त्रिवेदी के प्रयासों की प्रशंसा की. इस मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी.



शपथ पत्र से दी गई जानकारी

शपथ पत्र के जरिये कोर्ट को बताया गया कि बिहार के राज्यपाल ने बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 8(1) (4) के तहत दी हुई शक्तियों का प्रयोग करते हुए 10 सदस्यीय राज्य धार्मिक न्यास समिति का गठन गत 2 जनवरी को किया है. बोर्ड के गठन का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा. बता दें कि न्यास बोर्ड विगत मार्च 2016 से विघटित पड़ा था. जबकि बोर्ड का कार्यकाल 5 साल का होता है. गठन नहीं होने पर पटना हाईकोर्ट ने गौरव कुमार सिंह की जनहित याचिका पर सरकार से पूछा था कि बोर्ड का गठन क्यों नहीं हुआ? इसमें और कितने दिन लगेंगे? लेकिन आज बोर्ड का गठन कर लिया गया.

न्यास में ये बने सदस्‍य

— हरिभूषण ठाकुर बचौल, सदस्य बिहार विधानसभा

— नीरज  कुमार, सदस्य बिहार विधान परिषद

— रत्नेश सदा, सदस्य बिहार विधान सभा

— डॉ रणवीर नंदन, पूर्व सदस्य, बिहार विधान परिषद

— कालिका दत्त झा, विभागाध्यक्ष संस्कृत, एलएनएमयू

— विजय गिरि, पुजारी बड़ी पटनदेवी

— शुकदेव दासजी, महंत, बगही मठ सीतामढ़ी

— चंदन कुमार सिंह, देवचौरा अंदर, विष्णुपद मंदिर

— गणपति त्रिवेदी सीनियर एडवोकेट पटना हाईकोर्ट