अब रेस्त्रां को मेनू में लिखना होगा, प्लेट में पनीर-चिकेन कितना होगा

नई दिल्ली : केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान अब एक और नए एजेंडे पर काम कर रहे हैं . कोशिश रेस्त्रां में लंच-डिनर करने जाने वालों के लिए सहूलियत की है . हां, रामविलास की इस नए प्रयास से रेस्त्रां मालिकों की मुश्किलें थोड़ी और बढ़ेगी . केंद्र पहले ही कह चुका है कि होटल-रेस्त्रां स्वयं का सर्विस चार्ज जबरिया नहीं वसूल सकता . यह कस्टमर तय करेगा कि वह सर्विस के बदले कुछ देना चाहता है कि नहीं . यह संतुष्टि/असंतुष्टि आधारित होगा . 

मंत्री रामविलास पासवान ने देश के बड़े जर्नलिस्ट दीपक चौरसिया के साथ बातचीत में कहा कि आपने अब तक किसी भी होटल के मेनू में फ़ूड आइटम्स की मात्रा का उल्लेख नहीं देखा होगा . हां, कीमत जरुर छपी होती है . कीमत तो स्वयं होटल-रेस्त्रां वाले ही तय करते हैं .

पासवान ने कहा कि परिणाम यह होता है कि मेनू को देख मान लें आप soup आर्डर करते हैं . कीमत होटल-रेस्त्रां के स्टैंडर्ड के हिसाब से 600 हो या 700 हो, आप टेबल पर सर्व किये जाने तक नहीं जानते कि soup bowl में मात्रा कितनी होगी . उन्होंने कहा कि हम ये चाहते हैं कि कीमत की तरह ही होटल-रेस्त्रां वाले मेनू में प्रत्येक फ़ूड आइटम की मात्रा छापें, जो वे सर्व करेंगे . इसके फायदे कई होंगे . कम-अधिक आर्डर नहीं होगा और आखिर में फ़ूड प्रोडक्ट्स की बर्बादी रुकेगी,क्योंकि प्लेट में खाना नहीं बचेगा अथवा बहुत कम बचेगा . साथ ही, कस्टमर्स की पॉकेट भी जरुरत भर ही खाली होगी .

उन्होंने कहा कि यह निर्णय हम जल्द से जल्द करना चाहते हैं . बताते चलें कि रामविलास पासवान यह फैसला पहले  कर चुके हैं कि होटल-रेस्त्रां या फिर एयरपोर्ट-स्टेशन पर किसी भी हाल में बोटलबंद ड्रिंकिंग/मिनरल वाटर की कीमत MRP से अधिक नहीं ली जा सकेगी . कहीं से अधिक कीमत लेने की शिकायत मिली तो कार्रवाई का प्रावधान भी सुनिश्चित कर दिया गया है .

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