राबड़ी का विप में ‘नेता विरोधी दल’ बनना क्यों है मुश्किल, पढ़िए पूरी खबर…

लाइव सिटीज डेस्कः बिहार में अब एनडीए की सरकार है. महागठबंधन टूटने के बाद राजद सत्ता से बाहर है. अब राजद ने बिहार विधान परिषद में नेता विरोधी दल का दावा ठोका है. नीतीश कुमार के एनडीए के साथ सरकार बनाने के बाद राजद अब विपक्ष में है इसलिए राजद की ओर से यह दावा ठोका गया है. लेकिन विधान परिषद में सीटों की संख्या खेल बिगाड़ सकती है.

राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र पूर्वे ने एक्स सीएम राबड़ी देवी के नाम की अनुशंसा की है लेकिन बिहार विधान परिषद में राजद के केवल 7 सदस्य हैं. नियमों की बात करें तो इसके अनुसार विरोधी दल के नेता के लिए 9 सदस्य होने चाहिए, ऐसे में राबड़ी देवी का नेता विरोधी दल बनना मुश्किल माना जा रहा है.

इधर विधान परिषद के उप सभापति हारुण रसीद ने कहा कि हमारे पास राष्ट्रीय जनता दल की ओर से पत्र भेजा गया है. इस पर विचार किया जा रहा है. हम नियमानुकूल फैसला लेंगे.

दूसरी ओर राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने कहा है कि राबड़ी देवी अभी मौजूदा विधान मंडल दल की नेता हैं और विधान परिषद में विपक्ष के तौर पर हमारी संख्या सबसे ज्यादा है. हमारा दावा सही है ऐसे में सभापति राबड़ी देवी को विधान परिषद का नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहिए.

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