अशोक सिंह हत्याकांड में राजद नेता प्रभुनाथ सिंह गिरफ्तार

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राजद नेता व पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज डेस्क : राजद नेता व पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को विधायक अशोक सिंह की हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है. 22 साल पुराने इस हत्याकांड में उन्हें हजारीबाग कोर्ट से दोषी करार दिया गया है. राजद के बड़े नेता प्रभुनाथ सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. इस मामले में कोर्ट अब 23 मई को फैसला सुनाएगा  प्रभुनाथ सिंह के साथ- साथ उनके भाई दीनानाथ सिंह को भी दोषी करार दिया गया है. इनके अलावा रितेश सिंह को भी दोषी ठहराया गया है.

बता दें कि साल 2006 में ही प्रभुनाथ सिंह के खिलाफ हत्या की कोशिश के  मामले में एक फास्ट ट्रैक अदालत ने आरोप तय कर दिया था. जिस पार आज सुनवाई करते हुए हजारीबाग कोर्ट ने प्रभुनाथ सिंह को दोषी करार दिया.

बताया जाता है कि  3 जुलाई 1995 को पटना स्थित मशरख से जनता दल के तत्कालीन विधायक अशोक सिंह की हत्या उनके ही सरकारी निवास पर प्रभुनाथ सिंह और उनके समर्थकों ने कर दी थी.

अशोक सिंह की पत्नी ने दर्ज कराया था केस

अपने पति अशोक सिंह की हत्या के बाद उनकी पत्नी चांदनी देवी ने प्रभुनाथ सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया था. इसमें प्रभु नाथ सिंह के अलावा उनके भाई दीनानाथ सिंह और रितेश सिंह को आरोपी बनाया गया था.

प्रभुनाथ सिंह को गिरफ्तार कर छपरा जेल भेजा गया था

अशोक सिंह मामले में गिरफ्तार प्रभुनाथ सिंह के छपरा जेल में रहते कानून व्यवस्था बिगड़ रही थी, जिसके चलते उनको हजारीबाग जेल शिफ्ट किया गया. उस समय झारखंड अलग राज्य नहीं बना था. प्रभुनाथ सिंह के आवेदन पर ही हजारीबाग में इस केस का ट्रायल चला और 22 साल के बाद आज बृहस्पतिवार को अदालत ने फैसला सुनाया है.

 

प्रभुनाथ सिंह का सफ़र

सीवान जिले के महाराजगंज सीट के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के राजनीतिक करियर की शुरुआत जनता दल से हुई थी. इसके बाद वे जनता दल यूनाइटेड के साथ जुड़ गए और लगातार महाराजगंज की राजनीति में सक्रिय रहे.

इसी दौरान उनका सामना सीवान के पूर्व दबंग सांसद शहाबुद्दीन से हुआ और दोनों को एक-दूसरे के दुश्‍मन के तौर पर देखा जाने लगा. अक्सर इन दोनों के बीच झड़पें हो जाती थीं. हालांकि, दोनों का ही अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में वर्चस्व रहा है.

महाराजगंज से लड़ा था पहली बार लोकसभा चुनाव

प्रभुनाथ सिंह ने पहली बार महाराजगंज संसदीय सीट से साल 2004 में जदयू के टिकट पर जीत हासिल की। इससे पहले वे क्षेत्रीय स्‍तर की राजनीति में जदयू की तरफ से सक्रिय रहे. हालांकि, 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में राजद के प्रत्याशी उमाशंकर सिंह ने प्रभुनाथ को 3,000 वोटों से हरा दिया था। 2012 में वे जदयू से अलग हो गए और राजद के सदस्‍य बन गए.

सुशील मोदी ने ट्वीट कर नीतीश-लालू पर साधा निशाना

उनकी गिरफ्तारी के बाद भाजपा नेता सुशील मोदी ने ट्वीट कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पर जमकर निशाना साधा है। सुमो ने ट्वीट में लिखा है कि जदयू पूर्व सांसद और नीतीश लालू के सबसे विश्वसनीय नेता प्रभुनाथ सिंह को आज कोर्ट ने दोषी ठहराया है. बाइस साल पहले उन्होंने हत्या की थी और आज सजा हो गई.