लालू पर Viral Poem : जय प्रकाश की भूमि पर फिर प्रकाश की जय होगी…

पटना : चारा घोटाला के मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को दोषी ठहराये जाने के बाद पार्टी अब पूरी तरह संघर्ष की मुद्रा में है. राजद का संघर्ष एक साथ तीन मोर्चों पर चलेगा. राजद लालू प्रसाद पर 3 जनवरी को आनेवाले फैसले के बाद उपरी अदालत में अपील करेगी. साथ ही जनता के बीच भी जायेगी. इसके अलावा राजद ने सोशल मीडिया पर अपना संघर्ष तेज कर दिया है. राजद ने लालू प्रसाद को लेकर कविताई बयानों से विरोधियों पर हमला शुरू किया है. इसकी बानगी आज उनके बेटे पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के एक ट्वीट में दिखी है.

तेजस्वी यादव ने आज गुरुवार को एक कविता ट्वीट की है. इसमें उन्होंने इमरजेंसी के दौरान हुए देशव्यापी आंदोलन के अगुआ जयप्रकाश नारायण की धरती पर एक बार फिर ‘प्रकाश’ के ‘जय’ होने की बात कही है. यह भी कहा गया है कि ‘सिर्फ बोलेगा नहीं, शेर अब दहाड़ेगा.’ लालू प्रसाद पर लिखी इस कविता को आगे खुद ही पढ़ें.



 

जय प्रकाश की भूमि पर
फिर प्रकाश की जय होगी
और अंधेरा हारेगा
सिर्फ बोलेगा नहीं
शेर अब दहाड़ेगा

गरीब गुरबों के साथी को
बिहार के इस लाल को
तुमने समझा पिछड़ा है
न्याय के इस दंगल में
अब वही लालू तुम्हें पछाड़ेगा
सिर्फ बोलेगा नहीं
शेर अब दहाड़ेगा

लोकतंत्र का उपहास उड़ाती
देख तुम्हारी मनमानी
बिहार के जन—जन ने
यही मन में है ठानी
जनमत को छल से
मारने वालों
दंभ तुम्हारा मारेगा
सिर्फ बोलेगा नहीं
शेर अब दहाड़ेगा

राजद प्रमुख पर एक और कविता लिखी गई है, जो सोशल मीडिया में शेयर की जा रही है. यह कविता लालू परिवार के पोलिटिकल एडवाइजर संजय यादव ने शेयर की है. इसे लालू प्रसाद यादव के ट्विटर अकाउंट से भी रिट्वीट किया गया है. कविता के साथ ही संजय यादव ने लिखा है – जनसेवा संघर्ष और क़ुर्बानी माँगती है. देश में फासीवाद के ख़िलाफ़ बोलने वाला एक शख़्स लालू प्रसाद वह क़ुर्बानी दे भी रहा है.

बता दें कि राजद का अब जनता दरबार में भी जाने का कार्यक्रम है. राजद संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने बुधवार को कहा है कि जनता को पूरे मामले से अवगत कराने के लिए राजद न्याय यात्रा निकालेगा. इसके लिए 6 जनवरी को पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन होगा, जिसमें संघर्ष की राजनीति और रूपरेखा तैयार की जाएगी.

रघुवंश ने पशुपालन घोटाला के जांच अधिकारी एपी दुर्रई की किताब का हवाला देते हुए कहा है कि लालू के खिलाफ साजिश हुई थी. सीबीआई के पूर्व निदेशक बीआर लाल ने भी राजनीतिक इशारे पर काम करने की बात स्वीकारी है. उन्होंने कहा कि चारा घोटाले को हाईकोर्ट में ले जाने वाले शिवानंद तिवारी और सरयू राय को भी लालू के फंसने का अफसोस है. दोनों ने स्वीकार किया है कि लालू को सत्ता से बेदखल करने का उपाय किया गया था.

तब प्रधान मंत्री को भी हड़कने के बाद फोन पटक देते थे लालू प्रसाद
तब जेल में चिकन – मटन की पार्टी करते थे लालू प्रसाद, अब खैनी भी मांगना पड़ता है
चिल्‍ला रहे थे लालू प्रसाद, ललन सिंह को घसीट के बाहर फेंक देने का दे रहे थे हुक्‍म