CM नीतीश की हर बात का जवाब देंगे तेजस्वी यादव, आज जोकीहाट में जनता से होंगे रूबरू

लाइव सिटीज, पटना डेस्कः बिहार के जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में प्रचार अपने अंतिम चरण में है. पिछले चार बार से इस सीट पर जनता दल यूनाइटेड विरोधी कोई हो दल विजय दर्ज नहीं करा सका है. इस बार भी मुख्य मुक़ाबला जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार मुर्शीद आलम और राजद के शहनवाज आलम के बीच है. इस बीच सीएम नीतीश कुमार के बाद आज एक्स डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी जोकीहाट में अपनी ताकत का अहसास करवाने जा रहे हैं. तेजस्वी यादव आज जोकीहाट में जनसभा को संबोधित करेंगे.

जोकीहाट का किला फतह करने में जुटे तेजस्वी

जोकीहाट सीट जेडीयू और आरजेडी के बीच महज एक सीट की लड़ाई नहीं. बल्कि, एक-दूसरे को नीचा दिखाने का जरिया बन सकता है. तेजस्वी यादव कर्नाटक से लौटते ही जोकीहाट को फतह करने में जुट गए हैं. वहीं, नीतीश कुमार खुद दो दिन के दौरे पर जनता से रूबरू हो रहे हैं. जोकीहाट सीट पर आरजेडी ने दिवंगत नेता तसलीमुद्दीन के छोटे बेटे को टिकट दिया है. इससे पहले अररिया से सांसद सरफराज आलम यहां से विधायक थे. लेकिन, पिता की मौत के बाद वे अररिया लोकसभा उपचुनाव में आरजेडी से सांसद बने.

प्रतिष्ठा का सवाल बना जोकीहाट सीट

अररिया के जोकीहाट विधानसभा सीट पर 28 मई को मतदान होना है. इस सीट पर जीत के कई सियासी मायने होंगे. एक तरफ लोकसभा चुनाव 2019 की बिसात बिछेगी. वहीं, सीएम नीतीश कुमार के लिए जीत प्रतिष्ठा को बनाए रखने का आधार होगा. जबकि, तेजस्वी जीत हासिल कर मूंछों पर ताव देने के इंतजार में हैं.

वहीं सीमांचल क्षेत्र के अल्पसंख्यक मतदाताओं का नब्ज समझना आरजेडी उम्मीदवार को बखूबी आता है. वे विरासत के तौर पर इसका इस्तेमाल करते रहे हैं. इस विधानसभा में अल्पसंख्यक वोटर्स करीब 70 फीसदी हैं. सभी आरजेडी कैंडिडेट की फैमिली के पुराने विश्वसत रहे हैं. जेडीयू को इसमें सेंध लगाना युद्ध जीतने जैसा होगा. हाल ही में बिहार में हुए कुछ दंगों का भी प्रभाव अल्पसंख्यक वोटर्स पर दिखा है. सुशासन बाबू का इमेज भी दागदार हुआ है.

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