बीजेपी किसान चौपाल के जवाब में आरजेडी का किसान पर्चा, पंचायत से प्रखंड तक होगा प्रदर्शन

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : तीनों नये कृषि कानून को रद्द करने की मांग को लेकर आज किसानों में पूरे देश में धरना दिया . जिसका आरजेडी ने भी समर्थन किया है. किसानों की मांग को जायज ठहराते हुए आरजेडी एक बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहा है. जिसके लिए पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने मिलकर केन्द्र और राज्य सरकार को घेरने के फिराक में लग गए हैं.

कृषि कानून की जानकारी को लेकर बीजेपी बिहार समेत पूरे देश में कृषि चौपाल लगाने जा रही है. जिसके विरोध में आरजेडी समेत पूरा महागठबंधन कृषि पर्चा कार्यक्रम की तैयारी कर चुका है. केन्द्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों पर किसानों मजदूरों को जागरूक करने के लिए पर्चे भी छपवाए जा रहे हैं. जो गांव-गांव में किसानों को बांटा जाएगा. पर्चा में कृषि कानून की खामियों को बताने का काम किया जाएगा.



इसके साथ ही 23 दिसंबर को आरजेडी चौधरी चरण सिंह की जयंती को व्यापक स्तर पर मनाएगा. इस अवसर पर पटना में एक बड़ा आयोजन किया जाएगा जिसमें तेजस्वी समेत पार्टी के कई बड़े नेता शिरकत करेंगे.पार्टी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि कृषि कानून को लेकर उत्पन्न समस्या को सुलझाने के बजाए केन्द्र सरकार उसे और उलझाते जा रही है. किसानों को बरगलाने का काम किया जा रहा है.

आरजेडी ने इस मुद्दे पर केन्द्र और राज्य सरकार को घेरने के लिए 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. इस कमेटी में पार्टी के वैसे नेता शामिल है जो किसानों की समस्या को अच्छी तरह समझते हैं, उन्हें कृषि कानून की खामियों के बारे में जानकारी हो. भारत सरकार ने 5 जून 2020 को कोरोना- लॉकडाउन के समय ही तीन कृषि बिल लाए और उन्हें राष्ट्रपति को भेजा तथा दोनों सदनों से सितंबर में पास भी करवा लिया. पार्टी के अनुसार यह प्राइवेट कंपनियों को बड़ा फायदा पहुंचाने की कोशिश है.