भैंस के सहारे भारत बंद कराने की आरजेडी की कोशिश, मुजफ्फरपुर में कृषि बिल का ऐसे किया विरोध

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : तीन नये कृषि कानून के विरोध में किसानों की ओर से भारत बंद बुलाया गया था. जिसका देश के कुल 22 विपक्षी दलों ने समर्थन किया. बिहार में भी महागठबंधन समेत विभिन्न विपक्षी पार्टियों ने बंद का समर्थन किया. जिसका मिलाजुला असर देखने को मिला. राजधानी पटना समेत बिहार के अन्य जिलों में प्रदर्शकारियों ने बंद को सफल बनाने की भरपूर कोशिशें की. इसके लिए ट्रेनें रोकी, बस परिचालन को बाधित किया, सड़कों पर टायर जलाकर आवागमन बाधित करने की कोशिश की गयी. जिससे आम इंसान को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

बंद को सफल बनाने के लिए प्रदर्शनकारियों ने तरह-तरह के हथकंडे अपनाए. कोई हाथों में हल कुदाल लेकर सड़क पर उतर आया तो कोई अजब-गजब करतब कर बंद को सफल बनाने की कोशिश करते नजर आए. इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर में आरजेडी कार्यकर्ताओं ने भी बीच सड़क भैंस को खड़ा कर सड़क को जाम कर दिया. बंद समर्थक भैंस पर बैठकर केन्द्र सरकार विरोधी नारे लगाए.



उधर बंद समर्थकों ने सुबह से ही ट्रेनों को निशाना बनाया. दरभंगा, ​नालंदा, सहरसा समेत कई अन्य जिलों में ट्रेनों परिचालन को घंटों बाधित किया गया. मिल रही जानकारी के अनुसार, दरभंगा के लहरियासराय स्टेशन पर कोलकाता-जयनगर गंगासागर एक्सप्रेस को बंद समर्थकों ने रोक दिया. इससे यात्रियों को काफी दिक्कतें हुईं.

ट्रेन रोकने वालों में सीपीआई माले, सीपीआई, आइसा के साथ अन्य संगठनों के लोग शामिल थे. दूसरी ओर, सहरसा में भी ट्रेनों को रोका गया. नंदलाली हॉल्ट पर सहरसा-सुपौल ट्रेन के परिचालन को बाधित किया गया. माले के कार्यकर्ताओं ने इस दौरान केंद्र व बिहार सरकार के नारे लगाए. इसी तरह, सुपौल में भी राजद, वाम दल और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सहरसा-राघोपुर 05516 डाउन ट्रेन को लोहिया नगर रेलवे ढाला के पास रोका. ट्रेन काफी देर के बाद खुली.

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह क्षेत्र में भी बंद में शामिल दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने ट्रेनें रोकी. बिहारशरीफ में बंद के समर्थन में माले कार्यकर्ता सुबह 6 बजे ही सड़क पर उतर गए और विरोध करने लगे, जबकि बिहारशरीफ में ही राजद कार्यकर्ताओं ने राजगीर-दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस को रोक दिया. काफी देर बाद ट्रेन अपने गंतव्य स्थान के लिए रवाना हुई.