बिहार में सवर्णों के भीतर गुस्‍सा भरा है, शांत करे सरकार, कहां है अनुशंसाएं – सच्चिदानंद राय

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्‍क : भाजपा के विधान पार्षद सच्चिदानंद राय फिर से बोले हैं . वे कह रहे हैं – बिहार सरकार को समझना होगा कि सवर्ण गुस्‍से में क्‍यों हैं . सवर्ण समाज के गुस्‍से को जरुर समझा जाना चाहिए . कारणों की पड़ताल हो . लाठी भांजने के रवैये से काम नहीं चलेगा . सवर्णों को लग रहा है – जब वे अपनी बातें उठाने की कोशिश करते हैं, तो कोई सुनने को तैयार नहीं होता है .

लाइव सिटीज से बातचीत करते हुए सच्चिदानंद राय ने कहा कि बिहार में सवर्णों की समस्‍याओं को जानने को सवर्ण आयोग बना था . राज्‍य सरकार ने ही बनाया था . अध्‍यक्ष – सदस्‍य बनाए गए थे . सरकारी धन खर्च हुआ . आयोग ने काम किया . फिर रिपोर्ट तैयार की . लेकिन आगे क्‍या हुआ . सरकार को बताना चाहिए कि रिपोर्ट की अनुशंसाओं पर क्‍या कार्रवाई की गई .

सच्चिदानंद राय , फाइल फोटो
सच्चिदानंद राय , फाइल फोटो

सच्चिदानंद राय कहते हैं कि सवर्ण आयोग की रिपोर्ट बेमानी तो होगी नहीं . फिर इसे गुम क्‍यों कर दिया गया है . इन्‍हीं कारणों से बिहार के सवर्णों को लगता है कि उनकी बातें कोई सरकार सुनती नहीं है . ऊपर से जब सवर्ण अपनी बातें उठाने को आगे आते हैं, तो उन्‍हें लाठियों के बूते चुप करा दिया जाता है .

भाजपा नेता कहते हैं कि पिछले दिनों सड़क पर उतरे सवर्णों के साथ पुलिस ने जैसा सलूक किया, वह बिलकुल ठीक नहीं था . ऐसा पहले कभी किसी दूसरी जाति के आंदोलनकारियों के साथ नहीं किया गया था . पुलिस ने बगैर कोई नोटिस और एहतियात को बरते सीधे लाठियां बरसा दीं . कहीं-कहीं तो घरों में भीतर घुसकर बेरहमी से सवर्ण समाज के लड़कों को पीटा गया .

गुरुवार 11 अक्‍तूबर को पटना में मुख्‍य मंत्री नीतीश कुमार पर चप्‍पल फेंके जाने की घटना पर सच्चिदानंद राय कहते हैं – चप्‍पल फेंकने वाले चंदन सिंह को मैं नहीं जानता . ऐसी घटना का समर्थन भी नहीं कर सकता . लेकिन, यह जरुर है कि मुझे इस बात का अंदेशा पहले से था कि समाज के भीतर जब गुस्‍सा बहुत भरा है, तो कहीं न कहीं ऐसी घटना हो जाएगी . समय अब भी है . सरकार को बिना समय गंवाए सवर्णों के गुस्‍से को शांत कराने का प्रयास सही दिशा में करना चाहिए .

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