सच्चिदानंद राय के सियासी राग से बीजेपी-जेडीयू में खिचेगी तलवार ! विधानपरिषद की 12 सीट पर ठोका दावा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार विधानपरिषद की खाली सीट को लेकर बीजेपी ने दावा ठोक दिया है. पार्टी नेता सच्चिदानंद राय ने परिषद की पांच सीटों पर दावा ठोकते हुए कहा कि राज्यपाल द्वारा मनोनित होने वाले 12 सीट में से 5 सीट पर बीजेपी का हक बनता है. ये सीटें खाली हुई है और इसके लिए चुनाव कराने की जरूरत नहीं है. इन खाली सीटों पर जल्द से जल्द मनोनयन हो ताकि सस्पेंस पर से पर्दा उठ सके. सच्चिदानंद राय ने परिषद के सभापति की भी सीट बीजेपी को देने की मांग कर नया राग छेड़ दिया है.  

सच्चिदानंद राय ने सीट की राग छेड़ते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले परिषद की सीट का फैसला हो जाना चाहिए.सच्चिदानंद राय ने 2012 की चर्चा करते हुए कहा कि राज्यपाल कोटे से 12 सीटें खाली हुई थी. लेकिन नीतीश कुमार ने उस सीट पर तत्काल नॉमिनेट नहीं किया. जबकि उस समय बीजेपी जदयू के बीच गठबंधन था. मुख्यमंत्री ने 2014 में इन सीटों पर नॉमिनेट किया जबतक बीजेपी अलग हो गयी थी. उस समय जेडीयू के लोग विधानपरिषद पहुंचे थे.

75 सीटो की हैसियत वाले बिहार विधान परिषद में ये 12 सीटें जदयू के लिए काफी मायने रखती है और इसी बदौलत जदयू सदन में सबसे बड़े दल के रूप में था और सभापति की कुर्सी पर भी उसका कब्जा था. लेकिन लोकसभा चुनाव में मुंगेर से राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह के जीत जाने के कारण और हाजीपुर से लोजपा के उम्मीदवार के रूप में पशुपति कुमार पारस के चुने जाने के कारण दो सीटें पहले ही खाली हो चुकी हैं.

शेष दस सीटों पर जदयू के रामलषण राम रमण, राणा गंगेश्वर सिंह, जावेद इकबाल अंसारी, शिवप्रसन्न यादव, संजय कुमार उर्फ गांधीजी, प्रो. रामवचन राय, ललन सर्राफ, प्रो. रणवीर नंदन, विजय कुमार मिश्र और रामचंद्र भारती का कब्जा रहा है. 23 मई को इन सबका कार्यकाल समाप्त हो गया.