बीजेपी-जेडीयू में बंट गयी सीटें, सीएम नीतीश ने कहा- हमलोगों के बीच कोई कंफ्यूजन नहीं

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया.जेडीयू, बीजेपी और हम के खाते की सीटों का एलान कर दिया गया. जबकि वीआईपी की सीटों का एलान होना बाकी है.बिहार एनडीए की ओर से संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी घोषणा की गयी. जिसमें 122 सीटों पर जेडीयू चुनाव लड़ेगी जिसमें हम की 7 सीट भी शामिल है. जबकि बीजेपी 121 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जिसमें वीआईपी को भी सीटें दी जाएगी.

प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि हमलोगों के  बीच किसी प्रकार की गलतफहमी नहीं है. एनडीए में बातचीत हो चुकी है, हमलोगों की बातचीत पहले ही हो चुकी थी. सिर्फ ऐलान करना बाकी था. किसी सीट पर कौन प्रत्याशी होंगे इसका भी दोनों दलों ने सूची तैयार कर लिया है.



सीएम नीतीश ने कहा कि हमलोगों के बीच में किसी प्रकार का कंफ्यूजन नहीं है. हमलोग काफी लंबे समय से मिलकर काम करते रहे हैं और आगे भी काम करेंगे. कौन क्या कहता है उसकी मैं परवाह नहीं करता.कुछ लोगों के द्वारा बिना वजह बहुत सारी बातें की जा रही है. हमलोग उसपर ध्यान नहीं देते है.

वहीं आरजेडी के 15 साल के शासनकाल पर हमला बोलते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि उस 15 साल के दौरान क्या काम हुआ था ?. हत्याएं होती थी सामूहिक नरसंहार की घटनाएं होती थी. सारी बातें लोगों को मालूम हैं. कहीं कोई सड़क थी क्या ? ठीक से सड़क भी नहीं था. ठीक से स्कूल नहीं चलता था. कॉलेजों में प्रोफेसरों को तनख्वाह भी नहीं मिलती थी.

2005 से सब क्षेत्र में काम करना शुरू किया गया. हर विरादरी का विकास किया गया.इसके बारे में सबको पता है. हमलोगों ने काम किया है. कोरोना काल में बिहार में हम सभी ने काम किया.देश के औसत से भी बिहार आगे है. कोरोना से मृत्यु दर भी कम है.ठीक होने वालों की संख्या भी ज्यादा है.हर तरह से काम हुआ है. लेकिन कुछ लोग बिना जानकारी अनाप शनाप बोलते रहते हैं .

सीएम नीतीश ने प्रवासी शब्द पर आपत्ती दर्ज करते हुए कहा देश तो एक है उसे प्रवासी कहना सहीं नहीं. बिहार में क्या दूसरे राज्य के लोग नहीं है ?. ठीक से तो मालूम नहीं है. लेकिन कुछ लोग बयानबाजी करने लगते हैं. दूसरे प्रदेश में रहने वाले 21 लाख लोगों को 1-1 हजार रूपया दिया गया. उऩ्हें ट्रेन से आने की सुविधा की गयी. क्वारंटाइन सेंटर में एक आदमी पर 5300 सौ रूपया खर्च किया गया.

आगे उऩ्होंने मीडिया को भी इशारे ही इशारे में क्लास लगी दी. नीतीश कुमार ने कहा कि जिसका जेडीयू से कोई रिश्ता नहीं उसे आरजेडी में ज्वाइन करा दिया गया. जिनको आरजेडी में शामिल कराया गया 2014 से ही वो अलग है.अखबारों में क्या-क्या छप जाता है.

वहीं लोजपा को लेकर सीएम नीतीश ने कहा कि कौन क्या बोलता है, इसमें मेरी रूची नहीं रहती. रामविलास पासवान राज्यसभा पहुंचे तो बिना जेडीयू के सहयोग के पहुंच गए ? .बीजेपी और जेडीयू ने मिलकर उन्हें राज्यसभा पहुंचाने का काम किया. लोकसभा चुनाव में उन्हें 6 सीटें दी गयी. आप लोग बताए रामविलास पासवान जी कितनी बार हमारे साथ प्रचार करने गए?. लेकिन कुछ लोग बोलते हैं तो मैं उनकी बातों में रूची नहीं लेता हूं.