‘देखिएगा इधर उधर वोट ना गड़बड़ा जाए, नहीं तो 15 साल का वो दौर फिर से वापस आ जाएगा’, तरारी में बोले सीएम नीतीश

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : भोजपुर जिले के तरारी में सीएम नीतीश ने विपक्ष की बखियां उधेड़ कर  रखी दी. चुनावी सभा को संबोधित करते हुए वगैर नाम लिए उन्होंने कहा कि 15 साल उनलोगों को मौका मिला विकास का कुछ किया क्या? सिर्फ अपना विकास किया. उनके लिए उनका परिवार ही पूरा बिहार है मेरे लिए पूरा बिहार मेरा परिवार है.

15 साल पहले बिहार की क्या छवि थी. कारोबारी भाग रहे थे. स्कूल, कॉलेज, सड़क और अस्पतालों की स्थिति खस्ता थी. लेकिन 2005 के नवंबर में जब हमलोगों को काम करने का मौका मिला तो धीरे-धीरे इन सारी चीजों को पटरी पर लाने काम किया गया. आज् विकास दिख रहा है. सभी क्षेत्रों में विकास के काम किए गए.



चुनावी मंच से सीएम नीतीश ने एनडीए प्रत्याशी और बीजेपी नेता कौशल कुमार विद्यार्थी को जीताने की अपील करते हुए केन्द्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाया. साथ ही कहा कि कुछ लोगों का धंधा हैं बयानबाजी करने का. देख रहे हैं ना हमलोगों के खिलाफ कुछ लोग बयानबाजी कर रहे हैं. उनको काम करने का ना तो कोई अनुभव है और ना ही तजुर्वा है. हमलोगों के काम से समाज में काफी हद तक समरूपता आयी है.

क्य़ा किया, कभी कुछ काम किया. सारे काम तो हमलोगों ने किया. अपराध के मामले में बिहार का स्थान 23वां है. विकास का दर राज्य की आमदनी 2005-06 में 76 हजार 466 करोड़ रूपया. अब बिहार की संपत्ति 4 लाख 744 करोड़ रूपया हो गया. कितना स्कूल और अस्पताल बनाया.

पहला पांच साल हमलोगों ने काम किया. दूसरे पांच साल में और ज्यादा काम किया. तीसरे टर्म में पहले और दूसरे टर्म से ज्यादा काम किया गया. युवाओं के लिए बहुत सारे काम किए गए. हर जिले में पॉलिटेक्निक कॉलेज, जीएनएम संस्थान, हर जिले में एएनएम संस्थान, आरा जिले में मेडिकल कॉलेज का भी काम कर दिया गया.

स्वयं सहायता भत्ता के रूप में 2-2 हजार रूपया बिहार काम की तलाश करने वालों को दिया जा रहा है. कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 10 लाख से ज्यादा युवाओं ने प्रशिक्षण दिया. पुलिस बल में 35 फीसदी का आरक्षण दिया गया. पुलिस बल में इतनी महिलाएं हो गयी शायद दूसरे राज्य में है.

बिजली का क्या हाल था. शहर में भी बिजली नहीं मिल पाती थी, गांव को तो भूल जाइए. हमलोगों ने गांव-गांव बिजली पहुंचाने का काम किया. मात्रा 700 मेगावाट था 2005-06 में अब 6 हजार मेगावाट हो गया. हर घर नल का जल का काम 83 फीसदी पूरा हो गया.

आगे अगर मौका मिला तो नयी टेक्नोलॉजी को केन्द्र के सहयोग से गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा. युवाओं को नई टेक्नोलॉजी की जानकारी दी जाएगी. आमदनी, व्यापार बढ़ेगा, नई टेक्नोलॉजी के कारण बाहर से हमलोगों को सामान नहीं मंगाना नहीं पड़ेगा.

सभी गांव में सोलर स्ट्रीट लाइट लगायी जाएगी. पशुओं के लिए 8-10 पंचायत पर एक अस्पताल बनाया जाएगा. पशुओं की दवा मुफ्त दी जाएगी. गांवों को एक दूसरे से जोड़ने वाली सड़क बनाएंगे. केन्द्र के तरफ से बड़ी सड़क, पुल का निर्माण हो रहा है.

हर खेत तक पानी पहुंचाया जाएगा. वृद्धजनों के लिए आश्रय स्थल बनाया जाएगा. दूसरे लोगं को कोई काम तजुर्वा नहीं है. कोई इधर उधर करेगा तो उसको मौका मिलेगा तो याद कर लीजिए 15 साल पहले क्या होता था. भूल कर भी अपने वोट को बर्बाद नही करिएगा. हमलोग हवाबाजी नहीं करते हमलोग अध्ययन करते हैं. कुछ लोग हवाबाजी कर रहा है.