वर्चुअल रैली और ईवीएम का विरोध वाले चुनाव की सम्भावना देख कर “छाती पर चढ़ कर” सरकार बनाने की धमकी दे रहे हैं-सुशील मोदी

लाइव सिटीज, सेट्रल डेस्क : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि  बिहार विधानसभा के चुनाव कब और कैसे होंगे, इसका फैसला चुनाव आयोग को करना है, लेकिन जो लोग वर्चुअल रैली और ईवीएम का विरोध कर रहे थे, वे अब चुनाव की सम्भावना देख कर “छाती पर चढ़ कर” सरकार बनाने की धमकी दे रहे हैं.

सुशील मोदी ने आगे कहा कि राजद ने शहाबुद्दीन- सुरेन्द्र यादव जैसे बाहुबलियों को संरक्षण देकर अपराध का राजनीतिकरण किया और लाठी में तेल पिलाकर बूथ लूटे, इसलिए वे फिर अपना असली चेहरा दिखा रहे हैं. उन्हें न बिहार के मतदाताओं के विवेक पर भरोसा है, न चुनाव आयोग पर भरोसा है.



वहीं कोरोना के खिलाफ मजबूती के साथ बिहार सरकार के जंग लड़ने की बात करते हुए सुशील मोदी ने कहा कि कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए बिहार के अस्पतालों में अब कुल 32,124 बिस्तर हैं, जिनमें 10 हजार से ज्यादा ऑक्सीजनयुक्त हैं.  निजी अस्पतालों को भी इलाज की अनुमति दी गई, लेकिन फीस लेने में मनमानी नहीं चलने दी जाएगी.

रोजाना एक लाख सैंपल की जांच कराने का लक्ष्य भी जल्द हासिल कर लिया जाएगा. केंद्र सरकार से दो कोवास-8800 मशीन मांगी गई हैं. इस महामारी से लड़ने के चौतरफा प्रयास और प्रबल राजनीतिक इच्छाशक्ति का फल है कि संक्रमण की दर घटी और 57039 लोग स्वस्थ भी हो गए.

डिप्टी सीएम ने कहा कि एनडीए के पहले 15 साल वालों के राज में अलकतरा घोटाला हुआ जिसमें कई इंजीनियरों सहित तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री तक को सजायफ्ता होकर जेल जाना पड़ा है. उस दौर में सड़कें बनती कम, मरम्मति ज्यादा होती थीं.

1990-91 से 2004-05 के दौरान सड़कों पर खर्च होने वाली राशि 6071.57 करोड़ का 60 प्रतिशत मरम्मत पर खर्च हुई थी. वहीं, एनडीए के 15 साल के कार्यकाल में (2004-05 से 2019-20 तक) सड़कों पर 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए है.