सभी DEO 3 दिनों के भीतर भेजें जिले में डीएलएड स्टडी सेंटर की लिस्ट, NIOS खफा

लाइव सिटीज डेस्क : डीएलएड कार्यक्रम के लिए राज्यभर के जिला शिक्षा पदाधिकारी गंभीर नहीं हैं. इस कार्यक्रम के जरिए राज्य के अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है लेकिन इसके लिए अध्ययन केंद्रों का चयन अबतक नहीं हो सका है. 30 अक्टूबर तक ही जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सभी जिलों में अध्ययन केंद्रों की सूची एनआईओएस को उपलब्ध करानी थी लेकिन अभी तक राज्यभर से सिर्फ 13 जिलों ने ही अध्ययन केंद्रों की सूची भेजी है. बाकी 25 जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों ने सूची नहीं भेजी है. जिन 13 जिलों ने सूची भेजी है वह वह भी तय मानकों के अनुसार नहीं हैं.

एनआईओएस ने इस संबंध में आपत्ति जाहिर करते हुए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है. इसके बाद शिक्षा सचिव रॉबर्ट एल चोंग्थू ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी को तीन दिनों के अंदर हर हाल में अध्ययन केंद्रों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि 20 अक्टूबर को बैठक में राज्य के सरकारी एवं गैरसरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों के प्रशिक्षण में नामांकन एवं इस संदर्भ में किए गए कार्यों की समीक्षा की गई थी.
इसमें यह निर्देश दिया गया था कि 30 अक्टूबर तक अध्ययन केंद्रों की सूची अनिवार्य रूप से एनआईओएस पटना को दी जाए. लेकिन अबतक सिर्फ 13 जिलों ने ही भेजे हैं, वह भी प्रोफार्मा के अनुसार नहीं है. इसलिए तीन दिनों के अंदर एनआईओएस के प्रोफार्मा के अनुसार अध्ययन केंद्रों की सूची उपलब्ध कराएं. प्रशिक्षण केंद्रों में कार्यरत संकाय सदस्यों की शैक्षणिक अर्हता मिनिमम एमए, एमएससी रहना अनिवार्य है. यदि संस्थान में इस शैक्षणिक अर्हता के संकाय सदस्य उपलब्ध नहीं हों तो निकट के किसी अन्य संस्थान से भी संकाय सदस्य का चयन किया जाए.



बिहार में प्रत्येक अध्ययन केंद्र पर होंगे 100 शिक्षार्थी

डीएलएडकोर्स के लिए बिहार से सबसे ज्यादा शिक्षकों ने नामांकन किया है. इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि प्रत्येक अध्ययन केंद्र पर 100 शिक्षार्थियों की दो इकाई बनाकर कुल 200 शिक्षार्थियों को नामित किया जाएगा. प्रति 100 शिक्षार्थियों पर एक समन्वयक और चार विशेषज्ञ रहेंगे. डीएलएड कोर्स सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को करना अनिवार्य है, नहीं करने पर वे शिक्षक के योग्य नहीं रहेंगे. एनआईओएस की ओर से इसके लिए देशभर में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. बिहार से लगभग 3 लाख शिक्षक इसमें हिस्सा ले रहे हैं.