माकपा नेता बद्री नारायण लाल का निधन, सीएम नीतीश व लालू ने जताया शोक

पटना (नियाज आलम) : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने माकपा नेता एवं पूर्व विधान पार्षद बद्री नारायण लाल के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. नीतीश ने कहा कि बद्री नारायण गरीबों के कार्यों के लिए वे हमेशा तत्पर रहते थे. उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है. 

वहीं बद्री नारायण लाल के निधन पर लालू प्रसाद एन कहा  कि वे  सक्रिय राजनीतिज्ञ, समाजिक कार्यकर्ता एवं लोकप्रिय माकपा नेता थे. वे संवेदनशील  समाजिक कार्यकर्ता रहे और समाजिक न्याय ,धर्म निरपेक्षता की लड़ाई को मज़बूती से जीवन के अंतिम छन तक लड़ते रहे. गरीबों और समाज के दबे, कुचले लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़े जाने के लिय संघर्षशील रहे. उनके निधन से समाजिक एवं राजनीतिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है. ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति दे. परिजनों, शुभचिंतकों को शोक सहन की शक्ति दे.
पूर्व मुख्मंत्री राबड़ी देवी, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, स्वास्थ मंत्री तेज प्रताप यादव व राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने भी बद्री नारायण लाल के निधन पर गहरा दुख एवं शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे हम सब के अभिभावक समान थे. ईश्वर उनकी आत्मा को चिर शान्ति दे. 

भाकपाके पूर्व राज्य सचिव बद्री नारायण लाल का रविवार को वेल्लोर अस्पताल में निधन हो गया. 79 वर्षीय लाल काफी दिनों से बीमार थे. पहले उन्हें पेसमेकर लगाया गया था. सोमवार को उनका पार्थिव शरीर हजारीबाग रामगढ़ लाया जाएगा. 23 मई को उनका अंतिम दाह संस्कार होगा.
कैसा रहा बद्री नारायण लाल का सफर

युवावस्था में उन्होंने हाईस्कूल के शिक्षक की नौकरी छोड़कर राजनीतिक जीवन भाकपा के साथ शुरू किया था. पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में हजारीबाग जिले में ट्रेड यूनियन का दायित्व संभाला। अविभाजित बिहार राज्य परिषद, राज्य कार्यकारिणी, राज्य सचिवमंडल, राष्ट्रीय परिषद एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रहे। बिहार विधान परिषद में दो बार भाकपा का प्रतिनिधित्व किया. 18 सितंबर, 2004 में राज्य सचिव निर्वाचित हुए और 7 जून, 2012 तक इस पद पर रहे. उनके कार्यकाल में ही पार्टी का 21वां राष्ट्रीय अधिवेशन 2012 मार्च में पटना में हुआ था. वर्तमान में भी वे राज्य कार्यकारिणी सदस्य थे. शेखपुरा के वैश्य परिवार में जन्मे बद्री बाबू ने झारखंड को कार्यक्षेत्र बनाया. अपने पीछे , दो पुत्र और दो पुत्री छोड़ गए. निधन पर राज्यसचिव मंडल ने श्रद्धांजलि दी. राज्य सचिव सत्य नारायण सिंह ने कहा उनके निधन से पार्टी और समाज को अपूरणीय  क्षति हुई है.

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