लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : भाजपा और जदयू के बीच नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर मतभेद दिखाई देने लगा है. नागरिकता संशोधन विधेयक बीजेपी के सामने बड़ी चुनौती है. इसको लेकर भाजपा तमाम सहयोगी दलों का साथ चाहती है. हालांकि पहले समर्थन की बात कह कर जेडीयू ने अब इस मामले पर चुप्पी साध रखी है. जानकारी के अनुसार पार्टी नेता अब नए सिरे से विचार करेंगे और फिर उस पर कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा.

इसको लेकर अब राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है. शिवानंद तिवारी ने कहा कि मैं नीतीश कुमार के द्वारा नागरिकता संशोधन विधयेक के विरोध करने के फैसले का स्वागत करता हूं.

नीतीश कुमार पर शिवानंद को शक

शिवानंद तिवारी ने सीएम नीतीश कुमार के फैसले का स्वागत करते हुए इस बात को लेकर संशय भी जताया कि इस विरोध का स्वरूप कैसा होगा. उन्होंने कहा कि इस विरोध से पहले भी नीतीश कुमार और जेडीयू ने तीन तलाक बिल और धारा 370 को लेकर विरोध जताया था लेकिन वो विरोध महज औपचारिक और दिखावटी था. शिवानंद तिवारी ने कहा कि दोनों ही मौकों पर जेडीयू के सांसदों ने भाषण तो विरोध में दिया लेकिन जब वोटिंग का मौका आया तो सदन से वॉक आउट कर गए. जिससे ये लगता है कि दोनों ही मौकों पर नीतीश जी ने अप्रत्यक्ष ढंग से भाजपा की मदद ही की थी.

संविधान की आत्मा का हनन करती है विधेयक

शिवानंद तिवारी ने अपने द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में आगे कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक हमारे संविधान की आत्मा का हनन करता है. साथ ही इस विधेयक के विरोध में देश के उत्तर पूर्वी सीमा पर स्थित सभी 8 राज्यों के नागरिक मोदी सरकार के विरुद्ध बगावत की मुद्रा में हैं. उन्होंने कहा कि इसका विरोध करके जेडीयू सही कर रही है लेकिन जेडीयू के लोग कभी भी बदल जाते हैं इसलिए मुझे नीतीश जी और जेडीयू पर संशय हैं.

BREAKING : सीवान जंक्शन पर अपराधियों ने शख्स को मार दी गोली, जा रहा था कोलकाता