पूर्णिया के बड़े अधिकारी की गिरफ्तारी पर बोली जनता- हीरो है अपना थानेदार

पूर्णिया(राजेश कुमार झा) : पूर्णिया में पहली बार मध निषेध में किसी जिला स्तर के पदाधिकारी पर इतनी बड़ी कारवाई सुन पूरे जिले में तरह-तरह की चर्चाएं जोरों पर है.कितनों ने प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक को बधाई दी.तो कितनो ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताई. किसी ने इसे गलत तो किसी ने इसे एकदम सही बताया.

अधिकतर लोगों ने पूर्णिया थानेदार को अपना हीरो बताया. लोगों का कहना है कानून सबके लिए बराबर है चाहे वो अफसर हो या नेता या गरीब. इससे पूरे समाज मे एक अच्छा मैसेज गया है. लोग अब शराब पीने की बात तो दूर उसको छूने से भी डरेंगे. लेकिन सबसे बड़ी बात इतनी बड़ी कारवाई हुई कैसे?

आइये एक नजर इस पूरे प्रकरण पर:
रविवार को पूर्णिया सदर थाने के थानाध्यक्ष अवधेश कुमार को एक गुप्त सूचना मिलती है. सूचना इतनी बड़ी थी कि थानाध्यक्ष अवधेश कुमार के लिए किंगकर्तव्य विमूढ़ वाली स्थिति पैदा हो गई. क्योंकि सूचना हI ऐसी थी. यहां तक कि सूचना देने वाले ने गाड़ी का रंग.नंबर.मॉडल से लेकर गाड़ी में कितने लोग है और कौन-कौन है. यहां तक कि गाड़ी में कितने ML की कितनी बोतल एवं किस ब्रांड की शराब है. ये सब पूरी डिटेल्स बता दिया था.

अब थानाध्यक्ष को इंतजार था तो सिर्फ उस जिला प्रशासन लिखी हुई उजले रंग की स्कॉर्पियो की.रात के 8 बजे होंगे.और इधर थानाध्यक्ष सदर अवधेश कुमार पूरी तैयारी के साथ गुलाबबाग में सघन तलाशी अभियान चला रखा था.जितनी भी गाड़ियां गुजर रही थी सबकी तलाशी लिए जा रही थी.खासकर उजले रंग की स्कॉर्पियो को.लेकिन टारगेट में तो कोई और ही था. ठीक 8 बजे होंगे एक उजले रंग की स्कॉर्पियो जिसमे जिला प्रशासन का बोर्ड लगा था. गुलाबबाग के राम मोहनी चौक पर आकर रुकती है.जैसे ही सदर थानाध्यक्ष अवधेश कुमार गाड़ी के पास पहुंचते है कि गाड़ी में से किसी की आवाज आती है “किसने रोका मेरी गाड़ी को. देखता नही ये किसकी गाड़ी है.जाने दो-जाने दो”लेकिन अवधेश कुमार तो पहले से ही तैयार थे.

सदर थानाध्यक्ष ने कहा “सॉरी सर गाड़ी चेक हो रही है कृपया को-ऑपरेट करें.तभी गाड़ी की पिछली सीट में बैठे किसी की आवज आती है “अरे थानेदार साहब मैं हूँ. जाने दीजिए गाड़ी को” थानेदार कहते है माफ करें सर गाड़ी चेक होने के बाद ही जाएगी.फिर थानेदार के साथ बहस शुरू होती है. मेरी गाड़ी को आप चेक करेंगे. कौन होते है आप जिला प्रशासन की गाड़ी को चेक करने वाले. आपकी नौकरी चली जायेगी. जानते हो मुझे मैं राजेश वर्मा हूँ जिला कल्याण पदाधिकारी. नाम सुने हो या नही. जाने दो गाड़ी को.

थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने कहा सर जबतक गाड़ी चेक नही होगी. गाड़ी नही छूटेगी और जब थानाध्यक्ष ने गाड़ी को चेक किया तो गाड़ी के अंदर कार्टून में 750 ML की15 बोतल ब्लेंडर स्प्राइट की शराब मिली. थानाध्यक्ष ने बिना देरी किये सभी चारों लोगों को हिरासत में लेकर थाना पहुंच गए.और फिर शुरू हुआ पूरी रात थाने में हाई वोल्टेज ड्रामा.लेकिन अंत मे गिरफ्तार सभी चारों लोगों को जेल भेज दिया गया.गिरफ्तार लोगों में राजेश वर्मा (जिला कल्याण पदाधिकारी.पूर्णिया).आनंद कुमार झा(शाखा प्रबंधक.पंजाब नेशनल बैंक.लाइन बाजार पूर्णिया).कुमार कौशल(लिपिक.जिला कल्याण पदाधिकारी पूर्णिया).सुजीत कुमार(रेलवे ठेकेदार.कटिहार) शामिल है.

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