NDA को झटका, मांझी और कुशवाहा लालू प्रसाद के संपर्क में !

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार सरकार अब एक बार फिर से विकास के एजेंडे पर तैयार है.  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट का विस्तार हो चुका है. जदयू और एनडीए कोटे के मंत्री शपथ ले चुके हैं. लेकिन सियासत में बगावत का सिलसिला नहीं थमा है. इस बार बगावत एनडीए के घटक दलों ने किया है. हम पार्टी के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम राम मांझी और एनडीए की केंद्र सरकार में मंत्री व रालोसपा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा बगावती सुर में हैं. अब मिल रही खबर के मुताबिक  दोनों राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के संपर्क में हैं.

दरअसल, इस बगावत की वजह एनडीए के ही एक घटक दल लोजपा को माना जा रहा है. लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के भाई पशुपति पारस को मंत्रालय दे दिया गया है.  मंत्री बने पशुपति पारस न तो विधायक हैं और न ही एमएलसी. वहीं रालोसपा से दो विधायक होने के बावजूद भी उनकी पार्टी से किसी को मंत्री का पद नहीं दिया गया. 

इसी बात से हम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी और रालोसपा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा नाराज हो गए.  मांझी ने कहा कि पशुपति पारस न तो विधायक हैं और न ही एमएलसी फिर भी उन्हें मंत्री बनाया गया. इस आधार पर हम पार्टी के भी 3 दावेदार बनते हैं. जिन्हें कोई पद नहीं दिया गया. साथ ही मैंने केंद्र में मंत्री का पद मांगा तो मुझे वैकेंसी नहीं होने की बात कही गई.

वहीं रालोसपा पहले से भी एनडीए में नाखुश बताये जा रहे हैं. पर, शनिवार को उनकी पार्टी के विधायक को बिहार कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाने के कारण उनका गुस्सा और भी फूट पड़ा है.  अब खबर यह है कि ये दोनों एनडीए का साथ छोड़ राजद के साथ गठबंधन कर सकते हैं. बता दें कि इससे पहले लालू प्रसाद जदयू के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद शरद यादव को भी राजद में आने का न्यौता दे चुके हैं.

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