RSS विचारक राकेश सिन्हा पर FIR मामले में सोशल मीडिया पर घिरी ममता सरकार

लाइव सिटीज डेस्क : अक्सर हर राजनीतिक पार्टी खुद को दूसरे से बेहतर साबित करने के लिए कई तरह की आरोप अन्य पार्टी पर लगाते हैं. बयानबाजी करते हैं. लेकिन पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने संघ विचारक राकेश सिन्हा  पर ही आपराधिक मुकदमा कुछ दिनों पहले दर्ज करवा दिया. लेकिन मुकदमा दायर करने के बाद इसके ऐसे साइडइफ़ेक्ट हुए हैं कि ममता सरकार ने उम्मीद नहीं की होगी.   एक खबर को ट्वीट करते हुए केंद्र सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि संघ विचारक राकेश सिन्हा के ऊपर हुए एफ.आई.आर पर घोर वामपंथी और सेक्युलर पत्रकारों ने ट्वीट कर ममता सरकार को लताड़ा. 

जिन तथ्यों को लेकर प्रोफ़ेसर राकेश सिन्हा पर मुकदमा दर्ज किये गए उसके बाद सोशल मीडिया पर इस मुकदमा और ममता सरकार के खिलाफ कई दिग्गजों ने मोर्चा खोल दिया है. सबसे बड़ी बात यह है कि राकेश सिन्हा के समर्थन में ऐसे लोग आ गए हैं जो जो सिद्धांततः संघ विरोधी और ममता बनर्जी के सेकुलरवाद के समर्थक माने जाते हैं.

ट्विटर पर लोग तब हैरत में आ गए जब संघ के घोर विरोधी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकृत प्रवक्ता आमिर हैदर ज़ैदी ने लगातार तीन ट्वीट सिन्हा के समर्थन में कर डाला. वे इस बात से भयभीत नहीं हुए कि पार्टी उन पर इस बात के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई भी कर सकती है.

एक ओर जहां कोलकाता पुलिस के एफआईआर में राकेश सिन्हा पर हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द्र को बिगाड़ने का आरोप लगाया जा रहा है वहीं मुस्लिम समुदाय का एक मुखर चेहरा मौलाना सैयद अतहर हुसैन देहलवी ने राकेश सिन्हा को एक नेक इंसान बताते हुए इस एफआईआर का विरोध किया है.

ऐसा करने वाले वे अकेले नहीं है. मुस्लिम समुदाय की प्रगतिशील महिलाएं सिन्हा के समर्थन में खुलकर सामने आई हैं. तीन तलाक को लेकर संघर्षरत डाॅ. समीना बेगम ने सिन्हा के पक्ष में लगभग आधे दर्जन ट्वीट किए. मुस्लिम महिलाओं की युवा आवाज अंबर जैदी जो टीवी चैनलों पर अक्सर देखी जाती हैं, ने राकेश सिन्हा का जोरदार समर्थन किया.

इसी तरह वरिष्ठ पत्रकार रश्मिदास गुप्ता, राज्यसभा सांसद व वरिष्ठ पत्रकार श्री स्वपनदास गुप्ता और प्रसिद्ध लेखक एवं टेलीविजन चैनल के लोकप्रिय चेहरा डॉ तारेक फतह ने भी सिन्हा पर हुई एफआईआर का विरोध किया.

चौंकाने वाली बात तब लगी जब प्राइम टाइम पर राकेश सिन्हा से दो-दो हाथ करने वाले और संघ के विरोध में कभी पीछे नहीं रहने वाले एनडीटीवी के एंकर रवीश कुमार ने अपने ब्लाॅग कस्बा में ‘राकेश सिन्हा के बहाने कुछ बातें’ शीर्षक से लेख लिखा. यह देखकर रवीश कुमार के विरोधी और समर्थक दोनों ही हैरान रह गए.

इन धाराओं में दर्ज किया गया है मुकदमा

राकेश सिन्हा के खिलाफ कोलकाता के सेक्शपीयर सरानी थाने में 12 जुलाई को भारतीय अचार संहिता की धारा 153 ए1 (ए)(बी), 505(1)(बी), 295ए, 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन धाराओं के जरिए राकेश सिन्हा के खिलाफ दंगा भडकाने, लोगों की भावनाओं को आहत करने और भविष्य में उनके बयानों के जरिए दंगा भडकने की आशंका जताई गई है. 

प्राथमिकी में यह भी आरोप है कि सिन्हा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसे फोटो और व्यक्तव्य डाले हैं. जिससे सूबे की शांति व्यवस्था भंग हुई है. हालांकि सिन्हा का कहना है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया है, जिससे की पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति बेपटरी हो.

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