‘कुछ लोगों को कुछ भी मालूम नहीं, सिर्फ हवाबाजी कर वोट लेने के फिराक में है’ जगदीशपुर की जनता को सीएम नीतीश ने किया आगाह

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : भोजपुर जिले के जगदीशपुर में सीएम नीतीश ने चुनावी सभा की. इस मौके पर उन्होंने नाम लिए वगैर लालू-राबड़ी और तेजस्वी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पति अंदर थे पत्नी को बना दिया गया सीएम, लेकिन महिलाओं के उत्थान के लिए कुछ भी काम नहीं किया गया.

लेकिन हमलोगों ने वर्ल्ड बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूह बनाकर महिलाओं को उत्थान किया गया. लोगों को भड़काने के लिए कुछ लोग बाएं-दाएं बोलते हैं. उन्हें मालूम हैं जीविका समूह और स्वयं सहायता समूह क्या होता है. उनके माता पिता को मालूम था इन सब की बातों की. कुछ मालूम नहीं सिर्फ वोट लेने के लिए इधर उधर की बाते कर रहा है.



लोगों को तो कुछ पता हैं नहीं, शिक्षकों के लिए ये लोग क्या बोलते थे. बच्चों को पढ़ाने के लिए इन लोगों ने कुछ काम नहीं किया. लेकिन हमलोगों ने शिक्षा पर जोर दिया. लोगों के लिए अपने लिए धंधा होगा. पूरे बिहार को हमलोग एक परिवार मानते है लेकिन पति पत्नी के लिए अपना परिवार ही पूरा बिहार है. मेरे खिलाफ कुछ लोग बयान देते रहते हैं. लेकिन उसमें मेरी दिलचस्पी नहीं है. जरा सी भी गलती होगी तो पहले का बिहार हो जाएगा.

वो लोग किसी को काम नहीं देगा, बिना कुछ लिए वो लोग किसी को काम देने वाला है क्या?. लेकिन हमलोगों ने युवा, महिलाएं के विकास का काम किया. भोजपुर जिले में मेडिकल कॉलेज और इंजीनियर कॉलेज खोले जाने का रास्ता साफ हो गया.

पहले 15 साल क्या हुआ पति पत्नी को मौका मिला. अपनी ही सेवा करते थे इसलिए अंदर जाना पड़ा. क्या हालात थी पूरे इलाके में बारे में सोच लीजिए, कितना अपहरण, सामूहिक नरसंहार की घटनाएं होती थी. लोग परेशान थे, कितने लोगों का शोषण करते थे, पैसे की वसूली करते थे. कितने लोगों को बिहार छोड़कर जाना पड़ा था. कितने डॉक्टर, इंजीनियर व्यापारियों ने बिहार छोड़ दिया. बुरे हालात को देखकर लोगों ने हमलोगों को काम करने का मौका दिया.

नवंबर 2005 में बिहार की जनता ने हमलोगों ने मौका दिया. तब से लेकर आज तक न्याय के साथ विकास का काम किया गया. समाज के हाशियें पर रह रहे लोगों को मुख्य धारा में लाने का काम किया. विकास के लिए काम किया. अपराध पर नियंत्रण के लिए काम किया. जंगलराज खत्म करने के लिए काम किया. लड़कियों की पढ़ाई के लिए काम किया गया. स्कूलों की स्थिति में सुधार किया गया. शिक्षकों की नियुक्ती करायी गयी.

शाम होते कोई हिम्मत करता था अपने घरों से निकलने का, सड़कों की क्या हालात थी. यह किसी से छिपी नहीं है. क्या बुरा हाल था अस्पताल का. 15 साल इनलोगों को राज करने का मौका मिला. पीएचसी में एक दिन में एक आदमी जाता था. अब एक दिन में सैकड़ों लोग इलाज के लिए जाते है. हमलोग बिहार को आगे ले जा रहे हैं. केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर विकास का काम कर रही है.