बिहार में खुलेंगे सभी जिलों में साइबर थाने, अपराधियों पर कसेगी नकेल

लाइव सिटीज डेस्क :  पूरे बिहार के लिए यह खुशखबरी है. अब साइबर क्राइम कर राज्य के किसी जिले में बच जाना आसान नहीं होगा.  राज्य सरकार ने इस संबंध में बड़ी घोषणा की है. मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बिहार के सभी जिलों में साइबर क्राइम थाना खोले जाएंगे. 

बैठक में बढ़ते साइबर अपराध को मद्देनजर रखते हुए यह तय किया गया कि राज्य के सभी जिले में साइबर क्राइम थाना के साथ-साथ सोशल मीडिया यूनिट की भी स्थापना की जाएगी.  सोशल मीडिया यूनिट बिहार में सोशल साइट्स पर हो रहे गतिविधियों को मॉनिटर करेगी.और थाना में साइबर से जुड़े अपराध पर जल्द से  जल्द कारवाई कर मामले को सुलझाया जाएगा. इस बड़ी योजना के लिए 1 करोड़ 4 लाख की राशी स्वीकृत की गई है.

क्या है साइबर अपराध

आज का युग कम्प्यूटर और इंटरनेट का युग है. कम्पयूटर की मदद के बिना किसी बड़े काम की कल्पना करना भी मुश्किल है. ऐसे में अपराधी भी तकनीक के सहारे हाईटेक हो रहे हैं. वे जुर्म करने के लिए कम्प्यूटर, इंटरनेट, डिजिटल डिवाइसेज और वर्ल्ड वाइड वेब आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऑनलाइन ठगी या चोरी भी इसी श्रेणी का अहम गुनाह होता है. किसी की वेबसाइट को हैक करना या सिस्टम डेटा को चुराना ये सभी तरीके साइबर क्राइम की श्रेणी में आते हैं. साइबर क्राइम दुनिया भर में सुरक्षा और जांच एजेंसियां के लिए परेशानी का सबब बन गया है. 

साइबर क्राइम को लेकर सख्त कानून

भारत में भी साइबर क्राइम मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है. सरकार ऐसे मामलों को लेकर बहुत गंभीर है. भारत में साइबर क्राइम के मामलों में सूचना तकनीक कानून 2000 और सूचना तकनीक (संशोधन) कानून 2008 लागू होते हैं. मगर इसी श्रेणी के कई मामलों में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), कॉपीराइट कानून 1957, कंपनी कानून, सरकारी गोपनीयता कानून और यहां तक कि आतंकवाद निरोधक कानून के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है.

यह भी पढ़ें-  कोविंद का इस्तीफा, केसरीनाथ त्रिपाठी को मिला बिहार का अतिरिक्त प्रभार