नये कृषि कानून के खिलाफ तेजस्वी का हल्ला बोल, कहा- “किसानों की मांगें नहीं मानी जातीं तब तक हम उनके साथ हैं”

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : चौधरी चरण सिंह की जयंती को आरजेडी ने किसान दिवस के रूप में मनाया है. पटना के आरजेडी कार्यालय में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहें. इस मौके पर तेजस्वी ने कहा कि किसानों के नेता चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उनको नमन करते हैं. और जब तक किसानों की मांगें नहीं मानी जातीं तब तक हम उनके साथ हैं. यह कानून किसानों को भिखारी बनाने वाला कानून है. देश के किसानों को सत्तापक्ष वाले गाली दे रहे हैं. जिसे पूरा देश देख रहा है.

केन्द्र की सरकार सभी सरकारी उपक्रम का निजीकरण करने पर तुली हुई है. BSNL के अलावा कई प्रतिष्ठानों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है. तीनों नये कृषि बिल में कई खामियां है. बिहार में तो APMC की मंडी को 2006 में बंद करवा दिया गया. बिहार में किसानों की प्रति परिवार आय सबसे नीचे है. बिहार में सरकार धान खरीद का टारगेट पूरा नहीं कर पा रही है। सरकार किसानों के धान नहीं खरीद पा रही है. बिहार की डबल इंजन की सरकार ने किसानों को मजदूर बना दिया है.



किसानों के मुद्दे पर 29 दिसंबर को लेफ्ट की पार्टियों का राजभवन मार्च करेगी, उसे हमारा समर्थन है. किसानों के मामले में चाहे लेफ्ट हो या कांग्रेस, सभी को हमारा समर्थन है. हम किसानों के मुद्दे पर साथ हैं. किसानो के मुद्दे पर नीतीश सरकार ने चुप्पी साध रखी है.किसान आंदोलन करते हुए 17 किसान शहीद हो गए. इसपर बिहार की डबल इंजन की सरकार का कोई ट्वीट नहीं है.

वहीं एकबार फिर तेजस्वी ने 2021 में बिहार में चुनाव की प्रबल संभावना जताते हुए पार्टी के कार्यकर्ताओं को तैयार रहने को कहा है. उन्होंने कहा कि पार्टी को हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए. साथ ही बंगाल में चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि इस बात का फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू जी करेंगे.