ऑडिट रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: सृजन स्कैम पहुंचा 1900 करोड़ के पार, जद में आ सकते हैं कई बड़े अफसर

लाइव सिटीज डेस्क : सृजन घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती जा रही है. इसमें परत दर परत खुलासे होते जा रहे हैं. अब इस स्कैम का आकार भी बहुत बड़ा हो चला है. घोटाले की रकम बढ़ कर अब 1900 करोड़ के पार हो चला है. बता दें कि पहले इसे 1600 करोड़ बताया जा रह था. सरकार की ऑडिट रिपोर्ट में यह आंकड़ा सामने आया है. ऑडिट रिपोर्ट 625 पेज की है. इस रिपोर्ट को तैयार करने में करीब 11 महीने लगे हैं. माना जा रहा है कि सृजन कांड की जद में अभी कई और डीएम और अफसर आएँगे. बता दें कि राज्य स्तर के आधा दर्जन पदाधिकारी ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा कर रहे हैं.

मालूम हो कि पिछले साल अगस्त माह में घोटाला उजागर होने के बाद सरकार ने ऑडिट कराने का निर्देश दिया था. इससे पहले सीबीआइ की जांच में 1600 करोड़ के करीब सरकारी राशि की अवैध निकासी का पता चला था. अब घोटाले का आकार 300 करोड़ और बढ़ गया है. ऑडिट का कार्य करीब 11 महीने में पूरा हुआ है. बता दें कि यह रिपोर्ट निबंधक, सहयोग समितियों को पटना में सौंपी गई है. रिपोर्ट की समीक्षा करने के लिए निबंधक ने सात सदस्यीय टीम का गठन किया है. यह टीम ऑडिट रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है.

इसके बाद उच्चस्तरीय टीम इसके दायरे में आने वाले ‘वीआइपी’ के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई की अनुशंसा करेगी. चर्चा है कि सूची में पिछले एक दशक से अधिक समय में संस्था से उपकृत होने वाले कई आइएएस, डिप्टी कलेक्टर, राजनीतिक दलों से जुड़े लोग, जनप्रतिनिधि, मीडिया प्रतिनिधियों के नाम हैं. बता दें कि सहकारिता विभाग से निबंधित संस्था होने के कारण विभाग ने भी इसकी ऑडिट कराई थी.

ऑडिट के दौरान सृजन संस्था की डायरी, सफेद व लाल रजिस्टर तथा छोटे-छोटे नोटबुक में की गई इंट्री में लिखे तथ्य को भी शामिल किया गया है. सृजन के व्यापार का फलक बढऩे की भी चर्चा की गई है. किस तरह छोटे से कारोबार करने वाली यह संस्था करोड़ों का कारोबार करने वाली बन गई.

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रिपोर्ट में उन महिलाओं के भी नाम हैं जिन्होंने यहां काम किया और दैनिक मजदूरी कर राशि सृजन बैंक में जमा किया। गरीब महिलाओं की जमा राशि का किस तरह दुरुपयोग होता था, इसकी भी चर्चा है. ऐसे हजारों महिलाओं की राशि वापसी की अनुशंसा भी रिपोर्ट में की गई है। बड़े लोगों ने यहां से लोन लेकर कैसे अपने व्यापार को बढ़ाया, इसका भी उल्लेख है.

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