जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से मची हाहाकार, अस्पतालों में तड़प रहे मरीज, केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने दी मानवता की दुहाई

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल का आज तीसरा दिन है. हड़ताल के कारण बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गयी है. बात करे पटना के पीएमसीएच की तो यहां की हालत बद से बदतर हो गया है. अस्पतालों में कुत्ते घुम रहे हैं. परिजन अपने मरीज को लेकर दूसरे किसी अस्पताल में जाने को विवश हो गए हैं. अस्पताल में चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है. फिर भी हड़ताली जूनियर डॉक्टरों के कानों पर जू तक नहीं रेंग रहा है.

पीएमसीएच में तीन दिनों से डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आ रहे हैं. जान बचाने के लिए परिजन मरीज को लेकर प्राइवेट अस्पतालों का रुख कर रहे हैं. अस्पताल के इमरजेंसी में अन्य दिनों में जमीन पर भी जगह नहीं होती थी, लेकिन हड़ताल के कारण यहां मात्र 50 मरीज ही भर्ती हैं, जिन्हें भी देखने वाला कोई नहीं है.



बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की काम पर लौटने की अपील को भी जूनियर डॉक्टरों ने अनदेखी कर दी है. अब केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे ने हड़ताली चिकित्सकों से काम पर लौटने की अपील की है. उन्होंने कहा कि मानव हित में हड़ताल को तोड़ दे, वापस ले. सरकार जरूर आपकी बाते मानेगी. मैं खुद मुख्यमंत्री जी से बाते करूंगा.

केन्द्री स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार आपकी मांग को लेकर गंभीर है. मुझे भी जानकारी मिली है. हमलोग इसको देख रहे हैं जल्द उनकी मांग पर विचार किया जाएगा.वहीं हड़ताल के वैकल्पिक व्यवस्ता पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि नई सरकार का गठन हुआ है, कोविड महामारी को देखते हुए सरकार सजग है. इस मसले पर बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बात हुई है.