बिहार में चुनौती पर चुनाव जीतने की जद्दोजहद तेज, हर कोई एक दूसरे को दे रहा खुली बहस की चुनौती

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : 2020 के चुनाव में एक दूसरे को मात देने के लिए हर दल कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहता है. चाहे वो मंच से दूसरे को नीचा दिखाने की बात हो या फिर किसी भी मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देने की बात. दलों के नेता एक दूसरे को खूब चुनौती दे रहे हैं.

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास के दावों पर खुली बहस की चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि जिस विकास की बात सीएम नीतीश कर रहे हैं उस विकास के किसी एक भी मुद्दे पर वो मुझसे बतौर सीएम कैंडिडेट से खुली बहस कर लें. सारा का सारा भ्रम दूर हो जाएगा. जनता भी जान जाएगी कि उनके दावों में कितनी सच्चाई है. बिहार में विकास का एक भी काम नहीं हुआ है. लोगों को बरगलाने का काम किया गया है.



तेजस्वी की चुनौती पर पलटवार करते हुए केन्द्रीय मंत्री व बीजेपी के कद्दावार नेता नित्यानंद राय ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार से बहस करने से पहले तेजस्वी जी मुझसे किसी भी मुद्दे पर बहस कर लें. उनका सारा भ्रम दूर हो जाएगा. बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार ने विकास की गंगा बहाने का किया गया है.

नित्यानंद राय ने आगे कहा कि 10 लाख नौकरी देने की तेजस्वी बात कर रहे हैं लेकिन एनडीए की सरकार ने टोला सेवक, तालिमी मरकज, जीविका दीद, स्वयं सहायता समूह समेत कई तरह से युवाओं को नौकरी देने का काम किया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की तरह बिहार में भी आत्मनिर्भर बिहार की योजना पर काम हो रहा है.

नित्यानंद राय के बयान पर बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि नित्यानंद राय से बहस करने के लिए तेजस्वी ने चुनौती नहीं दी है. उनसे बहस के लिए मेरे पार्टी का एक कार्यकर्ता ही काफी है. एनडीए के सीएम कैंडिडेट नीतीश कुमार हैं और महागठबंधन का सीएम कैंडिडेट तेजस्वी हैं. ऐसे में दोनों में बहस की बात की जा रही है.

शक्ति सिंह गोहिल ने आगे कहा कि बिहार की नीतीश सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है. नीतीश कुमार को यहां की जनता से 15 साल काम करने का मौका दिया लेकिन उन्होंने विकास का कोई काम नहीं किया. अब आगे और पांच साल मांग रहे हैं. बिहार की जनता सब जान चुकी है. उन्हें मौका नहीं देने वाली है.